नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में अभी भी 18 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों और इनमें सवार 484 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जहाजरानी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि होर्मुज मार्ग से छह भारतीय जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं, जिनमें से चार भारत पहुंच चुके हैं।
LPG आपूर्ति को मिलेगी राहत
अधिकारी ने बताया कि शेष दो जहाज अगले दो दिनों में लगभग 94 हजार टन एलपीजी लेकर भारतीय तट पर पहुंचेंगे। इनके आने से देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति और बेहतर होगी। हालांकि, वर्तमान हालात को देखते हुए भारत आ रहे इन एलपीजी जहाजों को दोबारा एलपीजी लाने के लिए वापस खाड़ी क्षेत्र में नहीं भेजा जा रहा है। स्थिति ऐसी नहीं है कि वहां से सुरक्षित रूप से एलपीजी की खरीद की जा सके। इसके अलावा, होर्मुज के पश्चिम में कच्चे तेल से भरे चार और एलएनजी से भरे तीन विदेशी जहाज भी फंसे हुए हैं, जिन्हें भारत को आपूर्ति करनी है।
हुती हमलों से बिगड़े हालात
यमन के हुती आतंकी संगठन द्वारा इजरायल पर किए गए हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ गई है, जिसे भारतीय अधिकारी भी स्वीकार कर रहे हैं। इस हमले के बाद लगभग पूरा खाड़ी क्षेत्र अत्यधिक जोखिम वाला बन गया है, जिसके कारण समुद्री मार्ग से माल ढुलाई काफी महंगी हो गई है। यह भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है क्योंकि देश का 95 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुद्री मार्ग से ही होता है और इसमें ज्यादातर विदेशी जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है।
सभी 484 नाविक सुरक्षित, 950 की हो चुकी है वापसी
राहत की बात यह है कि होर्मुज में फंसे 18 भारतीय जहाजों में मौजूद सभी 484 भारतीय पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 72 घंटों से वहां स्थिति स्थिर बनी हुई है। सरकार विभिन्न जहाजों में फंसे भारतीय मूल के नाविकों को धीरे-धीरे सुरक्षित वापस ला रही है। अब तक 950 भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। जहाजों और नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार के विभिन्न विभागों के बीच आपसी विमर्श से लगातार काम किया जा रहा है।






