नई दिल्ली।
देश में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कैंसर एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा पेश किए गए ताजा आंकड़े इसकी भयावहता को बयां करते हैं। सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं मृत्यु दर के मामले में ‘ओवेरियन कैंसर’ (अंडाशय का कैंसर) सबसे अधिक घातक साबित हो रहा है।
2025 तक 2.40 लाख के पार होंगे मामले
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच ब्रेस्ट कैंसर के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में करीब 13% की चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि वर्ष 2025 में ब्रेस्ट कैंसर के नए मामलों का आंकड़ा 2.40 लाख के पार पहुंच जाएगा। यह देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। विश्व स्तर पर भी ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है।
ओवेरियन कैंसर सबसे जानलेवा
आंकड़ों का विश्लेषण एक डराने वाली तस्वीर पेश करता है। रिपोर्ट के अनुसार, मृत्यु दर के मामले में ‘ओवेरियन कैंसर’ सबसे खतरनाक है, जिसकी मृत्यु दर लगभग 61% है। इसके बाद दूसरे नंबर पर सर्वाइकल कैंसर है, जिसमें मृत्यु दर 54% और ब्रेस्ट कैंसर में 43% आंकी गई है।
छत्तीसगढ़ और बिहार में सबसे तेजी से बढ़ी बीमारी
राज्यों की स्थिति पर गौर करें तो संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में कैंसर के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। लेकिन, वृद्धि दर के मामले में बिहार और छत्तीसगढ़ की स्थिति चिंताजनक है। इन दो राज्यों में कैंसर का ग्राफ सबसे तेजी से बढ़ा है। यहां नए मामलों में लगभग 21-22% और मौतों के आंकड़ों में करीब 20% की वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार ने कसी कमर: स्क्रीनिंग पर जोर
इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाने के लिए सरकार 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दे रही है। राहत की बात यह है कि समय पर स्क्रीनिंग और उपचार से इस कैंसर से बचाव और जीवन बचाना काफी हद तक संभव है।







