नई दिल्ली। भारत और सऊदी अरब के बीच निवेश को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक मंगलवार को वर्चुअल मोड में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधान मंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद ने की।
सहयोग की नई दिशा
बैठक में दोनों देशों ने पेट्रोलियम, नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार और नवाचार के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों पक्षों ने टास्क फोर्स की तकनीकी टीमों के बीच हुई चर्चा की समीक्षा की और रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल प्लांट, बिजली, दूरसंचार और नवाचार जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश के अवसरों पर रचनात्मक बातचीत की।
प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता
प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान किए गए 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की पुष्टि की और भारत सरकार की सक्रिय समर्थन की मंशा को दोहराया।
आगे की योजना
दोनों पक्षों ने विशिष्ट निवेश समझौतों पर पहुंचने और चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए नियमित परामर्श की सहमति जताई। पेट्रोलियम सचिव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल तेल और गैस क्षेत्र में निवेश पर अनुवर्ती चर्चाओं के लिए सऊदी अरब का दौरा करेगा। सऊदी पक्ष को भारत में सॉवरेन वेल्थ फंड (PIF) का कार्यालय स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया गया। प्रधान सचिव ने सऊदी ऊर्जा मंत्री को उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की अगली बैठक के लिए भारत भी आमंत्रित किया।
टास्क फोर्स का गठन
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह उच्च स्तरीय टास्क फोर्स सितंबर 2023 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा द्विपक्षीय निवेश को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से गठित की गई थी। इसमें नीति आयोग के सीईओ, आर्थिक मामलों, वाणिज्य, विदेश मंत्रालय, डीपीआईआईटी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, तथा विद्युत सचिव शामिल हैं।






