

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के उपार्जन केंद्र में बड़े पैमाने पर धान और बारदाना की हेराफेरी, प्रमुख अधिकारी गिरफ्तार
रिपोर्ट-पंकज शुक्ला
अंबिकापुर |
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विजयनगर उपार्जन केंद्र में 1 करोड़ 14 लाख रुपए की बड़ी वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है, जिसमें 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है। इस घोटाले में प्रमुख रूप से खरीदी प्रभारी मंजर अंसारी और फड़ प्रभारी आरिफ अंसारी के नाम शामिल हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्यभर में हड़कंप मचा दिया है।
शिकायत के आधार पर, खाद्य विभाग के अंकेक्षण अधिकारी बी. तिर्की द्वारा की गई जांच में 3,576.18 क्विंटल धान और 12,983 नग बारदाना गायब पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मंजर अंसारी ने 9,491.20 क्विंटल धान की खरीदी की, लेकिन पूरे धान का उठाव नहीं किया गया। इसी प्रकार, आरिफ अंसारी द्वारा खरीदे गए 6,815.20 क्विंटल धान में से 3,576.18 क्विंटल धान का उठाव नहीं हुआ, जो सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है।
इस घोटाले में फड़ प्रभारी, फड़ मुंशी, कंप्यूटर ऑपरेटर और बारदाना प्रभारी सहित 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से 1 करोड़ 10 लाख 86 हजार रुपए के धान और 3 लाख 24 हजार रुपए के बारदाने की हेराफेरी की गई है। जांच के आधार पर, विजयनगर पुलिस ने धारा 409 के तहत सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घोटाले से राज्य की धान खरीदी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय किसान संगठन भी इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घोटाले के कारण क्षेत्र के कई किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाया है, जिससे उनके जीवन यापन पर गंभीर असर पड़ा है। राज्य सरकार द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की संभावना जताई जा रही है।










