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NSUI ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
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पांच सूत्रीय मांगों के साथ न्याय की गुहार
रायपुर। बलौदाबाजार में 10 जून को हुई आगजनी घटना के बाद प्रशासन की कथित द्वेषपूर्ण कार्यवाही और मामले के राजनीतिकरण के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने रायपुर में कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों NSUI कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल उठाए।
NSUI का आरोप: समाज और नेताओं के खिलाफ हो रही है अन्यायपूर्ण कार्यवाही
NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने आरोप लगाया कि बलौदाबाजार में सतनामी समाज के पूज्य जैतखाम को नुकसान पहुंचाने की घटना बेहद निंदनीय है, लेकिन प्रशासन इस घटना को दबाने का प्रयास कर रहा है। पांडेय ने कहा कि 10 जून को सतनामी समाज द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के दौरान आगजनी की घटना को प्रशासन ने अपने हितों के लिए राजनीतिक रूप से भुनाने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने असली दोषियों के बजाय निर्दोष समाज के युवाओं और कांग्रेस के पदाधिकारियों को निशाना बनाया है।
NSUI नेताओं पर फर्जी मुकदमों का आरोप
पांडेय ने आगे आरोप लगाया कि NSUI और युवा कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें शैलेंद्र बंजारे, सूर्यकांत वर्मा, अजीत कोसले, और विवेक यदु के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इन नेताओं के परिजनों को धमकाकर जबरन बयान दर्ज करवाने की कोशिश की है। पांडेय ने इस कार्यवाही को प्रशासन द्वारा समाज और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया।
विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी पर उठा सवाल
NSUI ने बलौदाबाजार आगजनी प्रकरण में भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को भी गैरकानूनी और राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया। पांडेय ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी ठोस सबूत के विधायक यादव को गिरफ्तार किया और उन्हें आरोपी बनाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी केवल प्रशासन की नाकामी को छिपाने का एक प्रयास है। NSUI ने मांग की कि देवेंद्र यादव के खिलाफ सभी आपराधिक धाराएं तुरंत हटाई जाएं और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
NSUI की पांच सूत्रीय मांगें
- सतनामी समाज के पूज्य जैतखाम की क्षति पर सीबीआई जांच – NSUI ने इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच करवाने की मांग की है।
- विधायक देवेंद्र यादव और NSUI नेताओं पर लगे आपराधिक धाराएं हटाई जाएं – NSUI ने यह मांग की कि निर्दोष नेताओं पर लगाए गए सभी फर्जी आपराधिक धाराएं तुरंत हटाई जाएं।
- आगजनी मामले की न्यायिक जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन – NSUI ने आगजनी की घटना की जांच के लिए एक स्वतंत्र टास्क फोर्स के गठन की मांग की है, जो न्यायालय के अधीन हो और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सके।
- विधायक यादव के मामले में संलिप्त पुलिस अधिकारियों की जांच – NSUI ने यह भी मांग की कि इस पूरे प्रकरण में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच की जाए और उन्हें उनके पद से हटाया जाए।
- घटना स्थल पर मौजूद भाजपा के पूर्व विधायक सनम जांगड़े की जांच और कार्रवाई – NSUI ने आरोप लगाया कि घटना स्थल पर मौजूद भाजपा के पूर्व विधायक सनम जांगड़े की भूमिका संदिग्ध रही है और उनके खिलाफ भी जांच और कार्रवाई की जाए।
इस प्रदर्शन में NSUI के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल थे, जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, ज़िला अध्यक्ष शान्तनु झा, और अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
NSUI के इस विरोध प्रदर्शन और प्रशासन पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बलौदाबाजार आगजनी प्रकरण को लेकर राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव और आरोप-प्रत्यारोप के बीच, यह देखना होगा कि प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले को किस प्रकार संभालते हैं और NSUI की मांगों का क्या जवाब देते हैं।









