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नाला पार कर स्कूल पहुंचने की जद्दोजहद में बच्चे, सुविधाओं का अभाव

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  • सेंदूरगढ़ क्षेत्र के स्कूली बच्चे कर रहे हैं जोखिम भरा सफर, शिक्षा विभाग बेखबर

कोरबा, पोड़ी उपरोड़ा। सेंदूरगढ़ ग्राम पंचायत के बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए हर रोज़ जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर हैं। साशीन मिडिल स्कूल तक पहुंचने का रास्ता न होने के कारण इन बच्चों को लगभग 5 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है, जिसमें उन्हें घने जंगल और भालुओं का भी खतरा रहता है। इसी कारण बच्चे शॉर्टकट अपनाते हैं और 300 मीटर के रास्ते से नाला पार करते हैं। बारिश के दिनों में जब नाला उफान पर होता है, तब हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।

गांव की मितानिन हर दिन लकड़ी का पटरा लगाकर बच्चों को सुरक्षित नाला पार कराती हैं, लेकिन यह उपाय स्थायी नहीं है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से अनुरोध किया है कि 5 किलोमीटर के जंगल के रास्ते की बजाय 300 मीटर वाले शॉर्टकट पर पुल निर्माण किया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित और आसान तरीके से स्कूल जा सकें।

शिक्षक मैकुल सिंह ने बताया कि बच्चों के लिए जंगल पार करना खतरनाक है, इसलिए वे शॉर्टकट के रास्ते नाला पार करते हैं। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, पर अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। सेंदूरगढ़ के ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुविधाजनक शिक्षा देने के लिए सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और जल्द से जल्द पुल का निर्माण करवाना चाहिए।

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