- 14 साल पुराने अवैध निर्माण के मुद्दे पर हिंसा, मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सबसे बड़े उपनगर संजौली में स्थित मस्जिद का अवैध निर्माण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस विवाद ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। हिंदू समाज इस मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को लेकर नाराज है और बुधवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और मस्जिद के करीब पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज, पथराव और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
इस मस्जिद का विवाद 14 साल पुराना है और शिमला नगर निगम की अदालत में लंबित है। हाल ही में एक मारपीट की घटना ने इस मुद्दे को हवा दे दी। स्थानीय हिंदू संगठनों ने मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने और बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जांच बढ़ाने की मांग की है। इस विवाद में भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेता मस्जिद के अवैध हिस्से को हटाने के पक्ष में हैं।
अगस्त माह में मल्याणा क्षेत्र में एक दुकान के मालिक विक्रम सिंह के साथ मारपीट की घटना ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। विक्रम सिंह पर डंडे और रॉड से हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि हमलावर मस्जिद में आकर छिप गए थे, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन किया और इसे अवैध बताते हुए गिराने की मांग की।
कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह ने हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में मस्जिद को अवैध बताते हुए कहा कि यह मस्जिद हिमाचल सरकार की जमीन पर बनाई गई है और इसे गिराया जाना चाहिए। वहीं, नगर निगम की अदालत में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी मस्जिद की अवैध इमारत बढ़ती गई। अब यह मामला अदालत में लंबित है और पांच अक्टूबर को इसकी सुनवाई होनी है।









