- गौ अभ्यारण की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री को सौंपेंगे धन्यवाद ज्ञापन, सात सूत्रीय मांगों पर देंगे ध्यान
रायपुर (सत्यानंद सोई)।
बिलासपुर से रायपुर के लिए निकली गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा का ग्रामीण क्षेत्रों में गौसेवकों ने भव्य स्वागत किया। इस पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे विपुल शर्मा के साथ उनके 14 वर्षीय पुत्र गौरव शर्मा भी शामिल हैं। उनके साथ ओमेश बिसेन, अभिषेक गुप्ता, बाबा शर्मा, और विकास यादव जैसी प्रमुख हस्तियां पदयात्रा में भाग ले रही हैं। यह पदयात्रा 8 सितंबर से शुरू हुई और 13 सितंबर को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर गौ अभ्यारण की घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया जाएगा।
गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में गौमाता के संरक्षण और सेवा के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। इस यात्रा के दौरान सात प्रमुख मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिनमें गौ अभ्यारण का स्वरूप, हर गांव में गौ अभ्यारण की स्थापना, गौ तस्करी पर रोक, और पशु चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण की मांगें शामिल हैं।
विपुल शर्मा ने बताया कि सड़कों पर घायल हो रही गौमाता को आश्रय प्रदान करने हेतु गौ अभ्यारण की घोषणा को लेकर यह पदयात्रा आयोजित की गई है। 2023 में बिलासपुर से दिल्ली तक की गई पदयात्रा के परिणामस्वरूप यह मांग पूरी हुई थी। अब, इस पदयात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान दिलाया जाएगा।
सात सूत्रीय मांगें:
- गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए।
- बिलासपुर गौ सेवा धाम के लिए 5 एकड़ भूमि गौ सेवा हेतु प्रदान की जाए।
- बंद पड़े गौठनों में मेरा गांव मेरा अभ्यारण योजना लागू की जाए।
- गौ तस्करी मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए गौ टाक्स फोर्स का गठन किया जाए।
- गोचर भूमि अधिग्रहण मुक्त करवाई जाए और किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध करवाई जाए।
- प्रति गौ पालक को मासिक भत्ता दिया जाए और सड़कों पर छोड़े गए पशुओं पर अर्थदंड का प्रावधान हो।
- पशु चिकित्सा विभाग के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए और नेशनल हाईवे पर हर 50 किलोमीटर पर चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जाए।
धरसींवा में धनंजय पाठक, लोकेश साहू, और अन्य गौसेवकों ने पदयात्रियों का स्वागत किया। सांकरा में महामाया मंदिर में दर्शन के पश्चात यात्रा रायपुर के लिए रवाना हुई। वहां भी गौसेवकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और पदयात्रा की सराहना की।











