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घर-घर जाकर छूटे हुए नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बना रहा स्वास्थ्य विभाग

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  • कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दिए निर्देश, 10 दिन में बनाए जाएंगे हजारों कार्ड
  • स्वास्थ्य कर्मी शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर बना रहे आयुष्मान कार्ड, पांच लाख रुपये तक इलाज की सुविधा।

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रायपुर।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिले का स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर छूटे हुए नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाने में जुटा है। इस अभियान के तहत 10 दिनों तक स्वास्थ्य कर्मी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान योजना का लाभ उन नागरिकों तक पहुंचे, जिनका अब तक कार्ड नहीं बना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मिथिलेश चौधरी ने एक बैठक में इस अभियान की रूपरेखा तैयार की और सभी एएनएम और सुपरवाइजर को भी इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी क्षमता के साथ इस कार्य में लगी हुई है, और इसे लेकर कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी पात्र नागरिक का कार्ड बनाना छूट न जाए। आयुष्मान कार्ड के जरिए नागरिकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है।

मिथिलेश चौधरी ने कहा कि यह अभियान उन नागरिकों के लिए है, जो किसी कारणवश आयुष्मान योजना के दायरे से बाहर रह गए थे। अब विभाग की टीमें उनके घर जाकर आयुष्मान कार्ड बना रही हैं ताकि हर पात्र व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित हो सके।

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