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बिंजाम से माहरापारा के बजाय सियानार में बनी सड़क, अधिकारियों की मिलीभगत से उठाए 88.78 लाख रुपए
दंतेवाड़ा (कौशल संदुजा)।
दंतेवाड़ा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों में हुए फर्जीवाड़ों की कड़ी में एक और मामला सामने आया है। हाल ही में प्रकाशित खबर में ‘नवभारत’ ने कोर नेटवर्क से बाहर बनी कंवलनार से झिरका सड़क की गड़बड़ियों को उजागर किया था। अब, एक और मामला सामने आया है जहां सड़क को कार्यस्थल को छोड़कर अन्यत्र ही बनाया गया है। इस बार यह घोटाला सोनी कंस्ट्रक्शन भिलाई द्वारा किया गया है।
फर्जीवाड़े का खुलासा
निर्माण कार्य बिंजाम से माहरापारा के बीच होना था पर ठेकेदार ने इसे सियानार से माहरापारा के बीच बना दिया। सियानार में पहले से पंचायत की एक मिट्टी मुरूम सड़क थी, जिसका उपयोग करके इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। सियानार में बिंजाम शून्य का माइलस्टोन गाड़कर और माहरापारा का माइलस्टोन लगाकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। इस दौरान विभाग के ईई संतोष नाग थे।
पंचायत में बदलाव
बिंजाम और सियानार अलग-अलग पंचायतों के अधीन हैं। सियानार बड़े सुरोखी का आश्रित ग्राम है। ठेकेदार ने कार्य करने के लिए बिंजाम के स्थान पर सियानार को चुना। दिलचस्प बात यह है कि ठेकेदार ने बिंजाम के उस जगह पर विभागीय अधिकारियों के साथ सर्वे भी किया था जहां से काम शुरू किया जाना था, लेकिन सर्वे के बाद सियानार से काम शुरू कर दिया गया।
सड़क का अंत
इस सड़क की लंबाई 1.66 किलोमीटर मानी जाती है, लेकिन सोनी कंस्ट्रक्शन ने केवल 1.30 किलोमीटर ही सड़क का निर्माण किया और उसमें भी 100 मीटर पहले से बनाई गई सीसी सड़क शामिल है। यानी ठेकेदार ने केवल 1.20 किमी ही सड़क बनाकर 88.78 लाख रुपए का आहरण कर लिया।
संभावित जांच
विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन एसई अमित गुलहरे और ईई दामोदर सिदार ने फोन रिसीव नहीं किया। ईएनसी कटारे ने पहले ही कहा था कि जिन सड़कों में गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, उनकी जांच की जाएगी। ऐसे में माना जा सकता है कि अब यह सड़क भी जांच के दायरे में आ जाएगी।









