दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
गोडवाना मातृशक्ति के तत्वाधान में बहिनी संग गोठबात कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति को एकजुट करना और समाज में धर्म, संस्कार, और संस्कृति का प्रसार करना था। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण और समाज में शिक्षा की महत्ता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मातृशक्तियों को उनके निःस्वार्थ समर्पण के लिए विशिष्ट मातृशक्ति सम्मान से नवाजा गया। नवविवाहित बहनों को संगठन की ओर से उपहार दिए गए, साथ ही शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कापी, पुस्तक, फल, और बिस्किट वितरण के माध्यम से छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिनेश नेताम (मुख्य अभियंता), के.आर. ध्रुव (विभाग प्रमुख, आयुर्वेदिक अस्पताल), ममता आरमो (अध्यक्ष, महिला प्रभाग, दुर्ग संभाग), ए.आर. ध्रुव (समाज प्रमुख), राकेश ठाकुर (समाजसेवी), डी.डब्लू नेताम (समाजसेवी), सुदर्शन ठाकुर (अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज दुर्ग), डी.आर. ठाकुर (प्रांतीय उपाध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज), और धनेश्वर सिंह ध्रुव (अध्यक्ष, आदिवासी अधिकारी कर्मचारी संघ दुर्ग) उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिशक्ति बूढ़ादेव की पूजा अर्चना से हुई। ममता आरमो ने समाज में जागरूकता और एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया और जमीनी स्तर पर कार्य करने की अपील की। दिनेश नेताम ने कहा कि समाजिक उत्थान में मातृशक्ति की अहम भूमिका होती है, और उनका आशीर्वाद और सहयोग समाज के विकास के लिए अनिवार्य है।
के.आर. ध्रुव और राकेश ठाकुर ने आधुनिकता की दौड़ में हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज, और संस्कार को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें गोडवाना की मातृशक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस अवसर पर युवराज ठाकुर, मनोज ठाकुर, रामलाल, राजकुमार, नम्रता ध्रुव, संगीता नेताम, चंचल ठाकुर, खोमीन धुर्वे, रमा उइके, उषा धुर्वे, सीमा ध्रुव, खेमराज ध्रुव, भावना ध्रुव, आयुष ध्रुव, सविता ध्रुव, दिलेश्वरी राज, सुभद्रा, निशा, अमरदेवी ध्रुव, यीतेश ध्रुव, हेमा छेदैया, बीना ठाकुर, भोजाबाई, सुनीता ठाकुर, अन्नपुर्णेश्वरी ठाकुर, महेश्वरी ठाकुर, चंदू ध्रुव, सरोज सागा सिंह मंडावी, शंख उइके, पुष्पा ठाकुर, महेश्वरी ठाकुर, और चंचल ठाकुर शामिल रहे।










