धमतरी।
वन विभाग के अंतर्गत एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें हरितिमा पर्यावरण संरक्षण सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. मनोज सोनी द्वारा 6 लाख 67 हजार रूपये का गबन किया गया है। उप वन मंडलाधिकारी द्वारा 31 मार्च 2023 को दी गई लिखित शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
मामला तब शुरू हुआ जब 26 मई 2011 को धमतरी वन मंडल के उत्तर सिंगपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत पशु धन प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन के लिए डॉ. मनोज सोनी और वन मंडलाधिकारी धमतरी के मध्य एक एम.ओ.यू. (अनुबंध) हुआ। इस अनुबंध में कुल राशि 66.67 लाख रूपये निर्धारित की गई थी। कार्य प्रारंभ करने के लिए आरोपी को अग्रिम राशि के रूप में 10 प्रतिशत, यानी 6 लाख 67 हजार रूपये, वन मंडल अधिकारी धमतरी के युनियन बैंक के खाते में चेक के माध्यम से जारी किया गया।
हालांकि, डॉ. मनोज सोनी ने इस राशि को अपने बैंक ऑफ बड़ौदा रायपुर ब्रांच के खाते से आहरित किया, लेकिन इस रकम का उपयोग किसी भी प्रकार के कार्य में नहीं किया गया। वन मंडलाधिकारी को सूचित किए बिना ही डॉ. सोनी ने इस राशि को अपने निजी उपयोग में ले लिया।
विभाग द्वारा कई बार डॉ. सोनी को अग्रिम राशि वापस करने के लिए पत्राचार किया गया, लेकिन आरोपी ने इस राशि को वन मंडल धमतरी के खाते में जमा नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप महालेखागार (छत्तीसगढ़) रायपुर द्वारा आडिट आपत्ति भी लगाई गई, जिसके चलते शासकीय राशि का लेखा समायोजन नहीं हो सका।
डॉ. मनोज सोनी पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप है, जिसके चलते थाना सिटी कोतवाली में अप.क्र. 97/23 धारा 420, 406, 409 भादवि. के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी और वन मंडलाधिकारी के मध्य पत्राचार, बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी तथा प्रकरण से संबंधित अन्य दस्तावेजों को जप्त किया गया।
आज, 25 सितंबर 2024 को, पुलिस ने डॉ. मनोज सोनी (54 वर्ष), जो भिलाई के स्मृति नगर का निवासी है, को उसके घर से गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।









