चड़ीगढ़।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। भाजपा ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इन दोनों नेताओं को हरियाणा में नई सरकार के गठन और विधायक दल का नेता चुनने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बात की जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी।
अमित शाह और मोहन यादव को पार्टी के संसदीय बोर्ड ने यह जिम्मेदारी दी है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी मोहन यादव ने प्रचार में भाग लिया था। अब उनके साथ अमित शाह की नियुक्ति से पार्टी ने नई सरकार गठन को लेकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह दशहरे के बाद 12 अक्टूबर के आसपास आयोजित किए जाने की संभावना है। राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता के मुताबिक, नई सरकार का गठन दशहरा उत्सव के बाद होगा।
विधानसभा चुनावों के दौरान, भाजपा ने संकेत दिए थे कि अगर नायब सिंह सैनी चुनाव जीतते हैं तो वह मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पसंद हो सकते हैं। नायब सिंह सैनी अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं और यदि वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह पार्टी के सामाजिक समीकरणों में बड़ा बदलाव माना जाएगा। हरियाणा में मुख्यमंत्री के साथ कुल 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 48 सीटें जीतते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। पार्टी ने कांग्रेस को 11 सीटों के अंतर से हराया। इस चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) का सफाया हो गया, जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) केवल दो सीटें जीतने में कामयाब रही।
हालांकि, सैनी कैबिनेट के 10 में से आठ मंत्रियों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, महिपाल ढांडा और मूलचंद शर्मा ने क्रमशः पानीपत ग्रामीण और बल्लभगढ़ सीट से जीत दर्ज की है।









