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पिता ने दी कलेजे के टुकड़े को किडनी: आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुआ दूसरा सफल किडनी ट्रांसप्लांट

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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

में आरोग्यम हॉस्पिटल ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। चिरपोटी अंडा निवासी 32 वर्षीय युवक की दोनों किडनियाँ खराब हो गई थीं, जिसके कारण वह लगभग डेढ़ साल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहा था। युवक को हाथ-पैर में सूजन, उल्टी, और भूख न लगने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

कई जगहों पर इलाज कराने के बाद, युवक ने डॉ. आर.के. साहू के पास परामर्श लिया। जांच के दौरान, डॉक्टर साहू ने पाया कि युवक को ग्लोमरूलोनेफ्राइटिस और Iga नेफ्रोपैथी नामक बीमारियों के कारण दोनों किडनियाँ खराब हो चुकी थीं। उन्होंने युवक को डायलिसिस की सलाह दी, जिसके बाद वह लगभग 8-9 महीने तक सप्ताह में 3 बार डायलिसिस करवाता रहा।

कम उम्र के बावजूद, डॉक्टरों ने किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी। युवक के 53 वर्षीय पिता ने अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने के लिए आगे आकर अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया। किडनी ट्रांसप्लांट के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, पिता और पुत्र दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

आरोग्यम हॉस्पिटल के वरिष्ठ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. नवीन राम दारुका और वरिष्ठ किडनी ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. आर.के. साहू ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि आरोग्यम हॉस्पिटल छत्तीसगढ़ में एकमात्र विश्व स्तरीय किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर है, जहाँ महानगरीय अस्पतालों की तुलना में बहुत कम कीमत पर किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि शीघ्र ही आरोग्यम हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। युवक और उनके परिवार ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ का आभार प्रकट किया, और दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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