



रायपुर।
छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण की गंभीरता को लेकर राष्ट्रीय बजरंग दल ने आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि इंडियन पेन्टेकोस्टल चर्च ऑफ गॉड 18 कन्वेंशन के माध्यम से हिंदुओं का धर्मांतरण करने की आशंका जताई गई है। यह कार्यक्रम हेबरोन नगर सासाहोली, तिल्दा जिला रायपुर में 30 और 31 अक्टूबर तथा 1, 2 और 3 नवंबर को आयोजित होने वाला है।
इसके अतिरिक्त, एक अन्य कार्यक्रम जिसका मुख्य नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मिशनरी है, चर्च ऑफ गॉड रायपुर (छ. ग.) में 1 नवंबर को आयोजित होने जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पादरियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण किया जाता है। इसे लेकर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने इन कार्यक्रमों के विरोध में जिला कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत किया है, जिसमें कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ में हो रहे धर्मांतरण को रोकने और सनातन धर्म व संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे आयोजनों को रोका जाना आवश्यक है। धर्मांतरण के विरुद्ध ठोस कानून न होने और सबूतों के अभाव में यह संगठन गरीब हिंदुओं को प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए लक्षित कर रहे हैं। ज्ञापन में शासन-प्रशासन से आग्रह किया गया है कि इस कार्यक्रम को न होने दिया जाए, अन्यथा सभी हिंदू संगठन और समाज इसे बंद कराने के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के समय अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें विक्रांत शर्मा, पुखराज जोशी, अमर चंद्रवंशी, गौरव इंगले, मनीष सचदेव, पुखराज चौधरी, मुकेश चक्रधारी, पुनीत निर्मलकर, राजकुमार श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंग ठाकुर और जिला अध्यक्ष गोपाल भिसे शामिल थे।





