



नई दिल्ली।
महाराष्ट्र और झारखंड में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसके अलावा 14 अन्य राज्यों की कई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि प्रवर्तन एजेंसियों ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य मुफ्त उपहार जब्त किए हैं।
महाराष्ट्र और झारखंड में कुल 858 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है, जो 2019 के विधानसभा चुनाव की तुलना में सात गुना अधिक है। 2019 में महाराष्ट्र में 103.61 करोड़ रुपये व झारखंड में 18.76 करोड़ रुपये की जब्ती की गई थी।
दो दिनों तक कड़ाई का निर्देश
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रवर्तन एजेंसियों, केंद्रीय पर्यवेक्षकों और पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को चुनाव के दौरान धनबल पर नियंत्रण रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। अगले दो दिनों तक कड़ी निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक जीप से 3.70 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई। बुलढाणा जिले के जामोद एसी में 4.51 करोड़ रुपये मूल्य का 4500 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। रायगढ़ में 5.20 करोड़ रुपये की चांदी की छड़ें भी बरामद हुई हैं।
झारखंड में अवैध खनन पर सख्ती
झारखंड में इस बार पिछले चुनावों की तुलना में अधिक जब्ती की गई है। इस बार चुनाव आयोग का मुख्य फोकस अवैध खनन पर था। नतीजतन प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध खनन सामग्री और मशीनों को जब्त किया। साहिबगंज जिले के राजमहल में 2.26 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध खनन सामग्री जब्त की गई। पड़ोसी राज्यों से आने वाली नशीली खेप पर भी नजर रखी गई। डाल्टनगंज में 687 किलोग्राम पोस्ता भूसा और हजारीबाग में 48.18 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
राजस्थान में भारी मात्रा में शराब जब्त
चुनाव आयोग की सख्ती के चलते कई जगहों पर भारी मात्रा में शराब भी जब्त की गई। राजस्थान के नागौर में शराब के 449 कार्टून बरामद किए गए। शराब की इस खेप को आलू के पीछे छिपाया गया था। चुनाव आयोग का कहना है कि कड़ी निगरानी के चलते ही इतनी बड़ी मात्रा में जब्ती संभव हो पाई है। 20 नवंबर को महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा और झारखंड की बाकी सीटों पर भी इसी दिन वोट डाले जाएंगे। झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को हुआ था। मतगणना 23 नवंबर को होगी।





