

रायपुर।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी नेता व पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने फ्लोरमैक्स कंपनी द्वारा कोरबा जिले में स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ की जा रही अरबों रुपये की ठगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य सरकार को पत्र भेजकर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों—सीबीआई, ईडी और ईओडब्ल्यू—से कराने की मांग की है।
ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ‘महतारी बंधन योजना’ और केंद्र सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना’ के तहत महिलाओं को स्व सहायता समूह से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन कोरबा जिले में फ्लोरमैक्स कंपनी के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ पिछले डेढ़ से दो वर्षों में ठगी की जा रही थी। कंवर का कहना है कि जिले के बड़े अधिकारियों, बैंक के अधिकारियों और एजेंटों की इसमें भूमिका हो सकती है, और सभी संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
ननकीराम कंवर ने आगे कहा कि जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह समय-समय पर स्व सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति और उनके क्रियाकलापों की समीक्षा करे। जिला प्रशासन के साथ लीड बैंक की भी बैठक होती है, जिसमें यह पता लगाया जाता है कि शासकीय और प्राइवेट बैंकों के माध्यम से महिलाओं को योजनाओं का कितना लाभ मिल रहा है। इसके बावजूद ठगी होने का मतलब जिला प्रशासन की लापरवाही है। कंवर ने इस मामले में ठगे गए महिलाओं का लोन माफ करने की भी मांग की है।
कंवर को उम्मीद है कि केंद्र सरकार उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच करवाएगी और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं के साथ हुई इस ठगी को लेकर गंभीर हैं और इस लड़ाई को अंत तक जारी रखेंगे।





