रायपुर।
छत्तीसगढ़ के संभागायुक्त ने विभिन्न विभागों में लंबित पेंशन प्रकरणों पर गहरी नाराजगी जताई है और अधिकारियों से जल्द समाधान की अपेक्षाएँ जताई हैं। संभागायुक्त महादेव कावरे ने शुक्रवार को पेंशन प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगले महीने तक लंबित मामलों में प्रगति दिखानी होगी, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में संभागायुक्त ने जल संसाधन, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, आबकारी, राज्य कर, समाज कल्याण, कृषि और अन्य विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारियों के साथ लंबित पेंशन प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने यह निर्देश दिया कि पेंशन प्रकरणों को कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से छह महीने पहले तैयार करके कोष लेखा पेंशन कार्यालय भेजे जाएं, ताकि मामूली त्रुटियों का समय रहते समाधान हो सके।
संभागायुक्त कावरे ने आहरण संवितरण अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी और कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का सही समय पर भुगतान सुनिश्चित करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। पेंशन प्रकरणों में सुधार न लाने पर अधिकारियों और आहरण संवितरण अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इसके अलावा, संभागायुक्त ने लंबित ईडब्ल्यूआर प्रकरणों पर भी त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए, खासकर पुराने पेंशन योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने वालों के मामलों में। उन्होंने संबंधित विभागों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े।
बैठक के अंत में, कावरे ने कहा, “यदि विभागीय अधिकारियों और आहरण संवितरण अधिकारियों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”










