जशपुर (ओम दर्पण) ।
जिले के सिटी कोतवाली पुलिस ने पटना, बिहार से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एक पीडब्ल्यूडी कांट्रैक्टर से 9,25,000 रुपये की ठगी में शामिल थे। इस मामले में एक नाबालिग आरोपी भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों से पासबुक और मोबाइल भी जब्त किए हैं। एक अन्य आरोपी, रोशन यादव, फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है।
पीडब्ल्यूडी कांट्रैक्टर से ठगी:
कांट्रैक्टर कनक कुमार चंडालिया ने 13 सितंबर 2024 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को उन्होंने गूगल से “कामधेनु सरिया” कंपनी का नंबर प्राप्त किया और डीलरशिप के लिए संपर्क किया। इसके बाद अंकित शर्मा नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और आधार कार्ड, पैन कार्ड, दुकान की फोटो, फर्म की जीएसटी और एक कैंसल चेक की कॉपी व्हाट्सएप पर मांगी।शर्मा ने बताया कि उनका चयन डीलरशिप के लिए हो गया है और 9 नवंबर 2024 को 1,25,000 रुपये की नेट बैंकिंग से पहली किस्त जमा करने के बाद, कांट्रैक्टर से 32 मिट्रिक टन सरिया का आर्डर लिया। इसके बाद 8,00,000 रुपये की और राशि जमा करवाई गई। हालांकि, बाद में कामधेनु स्टील कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि कंपनी द्वारा कोई डीलरशिप नहीं दी गई थी।
ठगी का पूरा नेटवर्क:
सिटी कोतवाली पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी नेटवर्क का सुराग लगाया और पटना के पाटलीपुत्र में किराए के मकान से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में मनीष (21 वर्ष), रूदल (20 वर्ष), राजन (19 वर्ष), विशाल (22 वर्ष), अजीत (19 वर्ष) और एक नाबालिग शामिल हैं।
मुख्य आरोपी, रोशन यादव (20 वर्ष), जो कि अभी भी फरार है, अपने साथी आरोपियों से खाता जानकारी, एटीएम, पासबुक और पासबुक से लिंक मोबाइल सिम लेकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराता था। पुलिस ने आरोपियों से प्राप्त पासबुक और मोबाइल की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कार्रवाई:
जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि आरोपी पकड़े गए हैं और फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे ठगी से बचने के लिए जागरूक रहें और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर जागरूकता के माध्यम से ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है।










