
राजनांदगांव।
छुरिया क्षेत्र के गैंदाटोला में फर्जी मोबाइल सिम साइबर ठगों को सप्लाई करने के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। इन सिम कार्डों का उपयोग भारत के साथ-साथ म्यांमार, कंबोडिया, लाओस और फिलीपींस में साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में गैंदाटोला, छुरिया और डोंगरगढ़ से कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 57 सिम कार्ड और 7 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
मिशन साइबर सुरक्षा के तहत कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन में जिले में मिशन साइबर सुरक्षा के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से गैंदाटोला थाना क्षेत्र में फर्जी सिम कार्ड जारी होने की सूचना मिली थी। जांच में पाया गया कि प्वाइंट ऑफ सेल (POS) कोड 7470700724, पोखन मोबाइल, पता 112 गैंदाटोला, छुरिया, राजनांदगांव से अवैध सिम कार्ड वितरित किए जा रहे थे, जिनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
फर्जी तरीके से जारी किए गए थे सिम कार्ड
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में गैंदाटोला थाना प्रभारी और साइबर सेल की टीम को मामले की जांच सौंपी गई। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त मोबाइल नंबरों और POS की ट्रैकिंग के बाद गैंदाटोला थाने में अपराध क्रमांक 14/2025, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66(सी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि प्वाइंट ऑफ सेल संचालक और एजेंट द्वारा सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी कर साइबर ठगों तक पहुंचाए जा रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में कैलाश चंद्र (चिरचारीकला) और तुकेश्वर (सीताकसा) से बयान दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि एयरटेल सिम विक्रेता, हेमंत डोंगरे (सीताकसा निवासी) ने 6-7 महीने पहले उनके गांव आकर सिम बेचने के बहाने उनके व्यक्तिगत दस्तावेज (नाम, पता, आधार, फोटो) का उपयोग कर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी किए और धोखाधड़ी की नीयत से उन्हें अपने पास रख लिया।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी
फर्जी सिम कार्ड के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह मामला उजागर हुआ। आगे की जांच जारी है, और पुलिस अन्य जुड़े आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।









