जशपुर/नारायणपुर।
नारायणपुर में हर मंगलवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। हाट में लगे टीन शेड पूरी तरह से टूट-फूट चुके हैं, जिससे बरसात के मौसम में दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शेड से टपकते पानी के कारण दुकानदार तिरपाल लगाकर सामान बेचने को मजबूर हैं, वहीं खरीदार भी भीगते हुए खरीदारी करने को विवश हैं।

सफाई व्यवस्था का अभाव, गंदगी से त्रस्त दुकानदार व ग्रामीण
बाजार में फैली अव्यवस्था का आलम यह है कि यहां साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। दुकानों के लिए भी कोई निश्चित जगह तय नहीं है, जिसके चलते पूरा बाजार क्षेत्र कचरे से पटा रहता है। इस गंदगी के कारण वातावरण पूरी तरह से अस्वच्छ हो गया है, जिससे दुकानदार व स्थानीय लोग परेशान हैं। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ सालों से बाजार की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों व जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
लाखों की नीलामी, सुधार नदारद
ग्रामीणों का आरोप है कि नारायणपुर हाट की हर साल लाखों रुपये में नीलामी होती है, लेकिन बाजार में शेडों की मरम्मत व अन्य बुनियादी सुविधाओं में कोई सुधार नहीं किया जाता है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर नीलामी से प्राप्त होने वाली यह मोटी रकम कहां खर्च होती है? उनका कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि अन्य विकास कार्यों पर तो ध्यान दे रहे हैं, लेकिन साप्ताहिक हाट, जो कि ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, उसकी अनदेखी की जा रही है।
बारिश में फिसलन भरा मार्ग बना मुसीबत
बाजार तक पहुंचने वाला मुख्य रास्ता, जो थाना व वन विभाग की बाउंड्रीवाल के पास से गुजरता है, पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गया है। बारिश के मौसम में इस रास्ते पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे महिलाओं व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। व्यापारियों को भी अपना सामान बाजार तक लाने व ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग, जल्द हो मरम्मत
ग्रामीणों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि नारायणपुर साप्ताहिक बाजार की बदहाली पर जल्द ध्यान दिया जाए। उन्होंने मांग की है कि बाजार में जर्जर हो चुके शेडों की तुरंत मरम्मत कराई जाए और कीचड़भरे रास्ते को पक्का बनाया जाए। इसके साथ ही बाजार की नियमित साफ-सफाई और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों व व्यापारियों को सुविधा हो सके।









