खान यूनिस, दक्षिणी गाजा।
मंगलवार को गाजा पट्टी के दक्षिणी इलाके में उस समय कोहराम मच गया जब खान यूनिस शहर में स्थित एक सहायता वितरण केंद्र के पास एक दर्दनाक घटना में कम से कम 20 फिलस्तीनी नागरिकों की जान चली गई। यह सहायता केंद्र अमेरिकी संगठन ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड’ द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसे इजराइल का समर्थन प्राप्त है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं, जिससे स्थिति और भी धुंधली हो गई है।
भगदड़ या हमला? मौत के अलग-अलग दावे
‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड’ ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 19 लोगों की मौत भगदड़ में कुचलने के कारण हुई, जबकि एक व्यक्ति की जान चाकू मारकर ली गई। संगठन के अनुसार, राहत सामग्री लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग केंद्र पर एकत्र हुए थे, तभी अचानक अफवाह फैल गई कि वितरण में गड़बड़ी हो रही है। इस अफवाह के फैलते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके परिणामस्वरूप भगदड़ मच गई और कई निर्दोष लोग इसके शिकार हो गए। संगठन ने हमास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर गलत सूचना फैलाई, जिससे केंद्र पर भीड़ बढ़ी और हालात बेकाबू हो गए। हालांकि, ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड’ ने अभी तक अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता प्रमाण पेश नहीं किया है।
दूसरी ओर, गाजा के अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की अलग जानकारी दी है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में हुए इजराइली हमलों के कारण 11 मासूम बच्चों सहित कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों का भी यही कहना है कि सैकड़ों लोग पहले से ही राहत सामग्री की उम्मीद में केंद्र पर मौजूद थे। इसी दौरान, इजराइली सेना की गतिविधि और गोलीबारी की आवाजों ने लोगों के बीच डर पैदा कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई।
राहत केंद्रों पर बढ़ती हिंसा और अव्यवस्था
गौरतलब है कि गाजा युद्ध के मौजूदा संकटपूर्ण हालात में राहत वितरण केंद्रों पर हिंसा और अव्यवस्था आम बात हो गई है। जहां एक तरफ इजराइल समर्थित संगठन ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड’ ने इस घटना के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं हमास का आरोप है कि इजराइल खुद राहत केंद्रों को निशाना बना रहा है ताकि मानवीय संकट और गहरा जाए।
गहरी मानवीय त्रासदी
गाजा में पहले से ही हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। यहां के नागरिक भोजन, पानी और आवश्यक दवाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में, सहायता के लिए बनाए गए केंद्र पर इस तरह की मौतों का होना इस मानवीय संकट को और भी गंभीर बना देता है। फिलहाल, इस दुखद घटना की निष्पक्ष जांच के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभिन्न मानवीय संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि गाजा में राहत सामग्री के वितरण की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।









