Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

पूर्व सरकार के नेताओं पर फिर चलेगा कानूनी चाबुक, 65 पुराने मामले दोबारा दायर

OmDarpan News

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

नई दिल्ली/कोलंबो.

श्रीलंका की मौजूदा सरकार ने पूर्व शासन से जुड़े नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। सरकार ने फैसला किया है कि पिछली सरकारों के दौरान गलत कार्यों में शामिल रहे नेताओं के खिलाफ लंबित सभी मामलों को फिर से खोला जाएगा। शुक्रवार को श्रीलंका की संसद में सरकार की ओर से यह अहम जानकारी दी गई।

संसद में बताया गया कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच तकनीकी और अन्य कारणों से कुल 102 मामले वापस लिए गए थे। इनमें से अब 65 मामलों को दोबारा दायर कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे भ्रष्टाचार और गलत कार्यों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहे हैं।

‘किसी को नहीं बख्शेंगे’

प्रधानमंत्री हरिनी अमरसुरिया ने संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कड़े शब्दों में कहा, “हम किसी को नहीं बख्शेंगे, जैसा कि पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के मामले में हुआ था। हम इन मामलों को सही ढंग से निपटाने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली का पालन कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री उस प्रश्न का उत्तर दे रही थीं, जिसमें विपक्ष ने दावा किया था कि पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के खिलाफ रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले को फिर से शुरू नहीं किया गया है। इस पर प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि कानून अपना काम करेगा।

65 मामले फिर से दायर, 3 की समीक्षा जारी

संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से 2024 की अवधि में कई हाई-प्रोफाइल मामलों को तकनीकी आधार बताकर वापस ले लिया गया था। सरकार ने अब इनका पूरा लेखा-जोखा पेश किया है:

  • कुल वापस लिए गए मामले: 102

  • फिर से दायर मामले: 65

  • समीक्षा के अधीन: 03

  • रद किए गए मामले: 34

सरकार ने साफ किया है कि पिछली सरकारों के सदस्यों के खिलाफ गलत कामों के लिए लंबित सभी मामलों को फिर से शुरू किया जाएगा और न्याय प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow