रायपुर/बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासन ने प्रदेशव्यापी ‘सफाई अभियान’ शुरू कर दिया है। अवैध परिवहन, फर्जी टोकन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ राजस्व, खाद्य, मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने मोर्चा खोल दिया है। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी गाज बिलासपुर और महासमुंद जिलों पर गिरी है, जहां करोड़ों रुपये का अवैध धान और अनियमितताएं पकड़ी गई हैं।
कलेक्टर सख्त: बिलासपुर में राइस मिल सील, FIR दर्ज
बिलासपुर जिले में धान उठाव में बड़ी हेराफेरी का खुलासा हुआ है। अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर छापेमारी के दौरान भौतिक सत्यापन में हजारों क्विंटल धान कम पाया गया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मिल को सील कर दिया और संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये आंकी गई है। जिले में अब तक कुल 56 करोड़ रुपये का धान जब्त किया जा चुका है।
महासमुंद: ओडिशा से आ रहा 694 बोरा धान पकड़ा
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर सरायपाली के रेहटीखोल क्षेत्र में बीती रात एक ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ा गया। ओडिशा से बिना वैध दस्तावेजों के छत्तीसगढ़ लाए जा रहे 694 बोरा (319 क्विंटल) धान को जब्त कर सिंघोड़ा थाने के सुपुर्द किया गया है। पिछले दो दिनों में जिले में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है। कलेक्टर ने टेमरी, नर्रा और खट्टी चेक पोस्ट का औचक निरीक्षण कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
धमतरी: समिति प्रबंधक और ऑपरेटर बर्खास्त
धान खरीदी में शुचिता से समझौता करने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मोहदी के समिति प्रबंधक और ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया है। यहाँ मिलावटयुक्त धान और टोकन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई थी।
सरगुजा और बलौदाबाजार में भी कार्रवाई
-
सरगुजा: कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में राजेश राइस मिल (खोडरी) और सिद्धिविनायक राइस मिल (दरिमा) में स्टॉक में भारी कमी पाई गई। इनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है।
-
बलौदाबाजार: 13 जनवरी को सोनाखान के ग्राम बिलारी में 75 कट्टा धान ले जा रही पिकअप को जब्त कर सलीहा थाने को सौंपा गया।
खाद्य सचिव का दो टूक संदेश
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के तहत किसी भी बिचौलिए या अनियमितता करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता केवल वास्तविक किसानों को लाभ पहुंचाना है।









