राजनांदगांव।
खरीफ सीजन में खेती-किसानी की तैयारियों को देखते हुए जिले में किसानों को समय पर खाद-बीज का वितरण शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में कृषि विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
जिले में अब तक 14,972 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका है। वहीं, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए उड़नदस्ता टीमों ने सख्त कार्रवाई करते हुए 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
लक्ष्य से 34 प्रतिशत अधिक खाद उपलब्ध
कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों के लिए 68,690 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है। जिले में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर कुल 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें 17,153 मीट्रिक टन यूरिया, 4,088 मीट्रिक टन डीएपी, 10,129 मीट्रिक टन एनपीके, 3,382 मीट्रिक टन एमओपी और 6,757 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट शामिल है।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 14,972 किसानों को 7,193 मीट्रिक टन यूरिया व 1,807 मीट्रिक टन डीएपी सहित अन्य उर्वरक बांटे जा चुके हैं। समितियों में अभी भी पर्याप्त मात्रा में खाद का स्टॉक मौजूद है।
13 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य
किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज मिले, इसके लिए 13,980 क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध जिले में 6,036 क्विंटल बीज निगम में उपलब्ध है। समितियों में 3,201 क्विंटल का भंडारण कर अब तक 1,085 क्विंटल बीज किसानों को बांटा जा चुका है। शासन के दिशा-निर्देशानुसार 80% यूरिया और 60% डीएपी का वितरण समितियों के माध्यम से किया जा रहा है।
कालाबाजारी पर सख्त एक्शन, 7 दुकानें सील
उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी और डायवर्सन रोकने के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर गठित उड़नदस्ता टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। अनियमितता पाए जाने पर अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है। 7 विक्रय केंद्रों में भंडारित खाद जब्त करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया है। साथ ही 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।










