✍️ विशेष संवाददाता
महासमुंद | छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि आर्थिक आजादी का जरिया बन गई है। महासमुंद शहर के वार्ड नंबर 11 की रहने वाली सीता वर्मा इस बदलाव की जीती-जागती मिसाल हैं। सीता वर्मा को इस योजना के तहत अब तक 31वीं किश्त प्राप्त हो चुकी है, जिसने उनके बड़े परिवार की आर्थिक चुनौतियों को काफी हद तक आसान कर दिया है।
11 सदस्यों के परिवार में आर्थिक संबल बना योजना का पैसा
सीता वर्मा के परिवार में कुल 11 सदस्य हैं, जिनकी जिम्मेदारियों के बीच घर का खर्च चलाना पहले काफी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए बड़ा सहारा बनी। इस राशि का सही उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी, जिससे उनकी आजीविका के रास्ते खुल गए।
हुनर से शुरू किया सिलाई का काम, आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सिलाई मशीन आने के बाद सीता वर्मा ने घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा और आय का एक नया जरिया तैयार हो गया। वे अब अपने हुनर के दम पर परिवार की आर्थिक जरूरतों में सक्रिय रूप से हाथ बंटा रही हैं। उनका कहना है कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कर्ज लेने की चिंता सताती थी, लेकिन अब नियमित सहायता और सिलाई से होने वाली कमाई ने उनकी मुश्किलों को कम कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार
सीता वर्मा ने इस निरंतर आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय जिस तरह बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए महिलाओं की चिंता कर रहे हैं, उससे प्रदेश की महिलाओं की मुश्किलें आसान हो रही हैं। योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी जगाया है।









