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धमधा में शिक्षकों का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

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धमधा (लोकेश्वर सिंह ठाकुर)।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए माध्यमिक स्तर की पाठ्यपुस्तकों में हुए बदलावों को शिक्षकों के शिक्षण में शामिल करने हेतु धमधा के बालक शाला में पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 18 अगस्त 2025 को शुरू होकर 22 अगस्त 2025 को संपन्न हुआ, जिसमें विकासखंड के 195 शिक्षकों ने भाग लिया।

 

नई शिक्षा नीति का आधार

प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं पर आधारित कक्षा छठवीं की नवीन पाठ्यपुस्तकें थीं। इसका उद्देश्य रटंत पद्धति के स्थान पर समझ, तर्क और चिंतन को बढ़ावा देना, प्रारंभिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करना और छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा से अवगत कराना है। 10+2 के पुराने फॉर्मेट की जगह अब 5+3+4+4 फॉर्मेट पर जोर दिया गया है, जो दक्षता और कौशल आधारित शिक्षण को महत्व देता है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य और विषयवस्तु

प्रशिक्षण के शुभारंभ में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी बेनीराम वर्मा और विकासखंड स्त्रोत समन्वयक महावीर वर्मा उपस्थित रहे। महावीर वर्मा ने सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण को प्रभावशाली ढंग से विद्यालयों में ले जाने हेतु प्रेरित किया। इस दौरान जिला से प्रशिक्षित विकासखंड स्त्रोत व्यक्तियों द्वारा गणित एवं हिंदी विषयों पर विकासखंड के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। पाठ्यपुस्तकों में शामिल विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई, जिनसे कक्षागत शिक्षण में अवधारणाओं को स्पष्ट करने में सहायता मिलेगी।

बहुआयामी शिक्षण पर जोर

प्रशिक्षण में मुख्य विषयों के साथ-साथ तीन अन्य महत्वपूर्ण विषयों – कला शिक्षण, कौशल बोध और खेल यात्रा पर भी जानकारी प्रदान की गई। कला की विभिन्न विधाओं जैसे गायन, वादन, हस्तकला और दृश्य कला पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। तृतीय दिवस पर छात्रों को खेल और योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने हेतु योग शिक्षा पर विशेष सत्र आयोजित हुआ। चतुर्थ दिवस पर कौशल शिक्षा के अंतर्गत किचन गार्डन और कौशल आधारित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई, जिसका लक्ष्य बच्चों को ज्ञानवान बनाने के साथ-साथ आगामी भविष्य के लिए स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की भूमिका

इस प्रशिक्षण में गणित विषय के प्रशिक्षक के रूप में मनोज कुमार साहू, कुलदीप देशमुख, कुमारी खेमीन साहू; हिंदी विषय के प्रशिक्षक के रूप में प्रेमलता कोटिया, संगीता चौधरी, भूषण लाल देवांगन, पवन कुमार सिंग; कला शिक्षा में कैलाश नागवंशी, सुजीता ताम्रकार एवं सेवानिवृत शिक्षक नरेश कौशल; कौशल आधारित शिक्षा प्रशिक्षण में डॉ. वर्षा हरिहरनो, शांति साहू, पल्लवी सेन एवं योग शिक्षा के लिए किशोर तिवारी, वीरेंद्र देवांगन तथा खेल और स्वास्थ्य शिक्षा मनोज साहू द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। नोडल के रूप में केशव पटेल, सहायक प्रशिक्षक कुमारी दुर्गेश नंदिनी साहू, प्रशिक्षण सहायक इनु राम पटेल और टामन वर्मा ने अपनी सेवाएं दीं।

विकसित राष्ट्र की ओर एक कदम

यह पाँच दिवसीय प्रशिक्षण वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में तैयार करने हेतु शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव पर आधारित रहा। कुल 115 गणित शिक्षक और 80 हिंदी विषय के शिक्षकों ने पूरे मनोयोग से यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे वे नई शिक्षा नीति के अनुरूप छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।

 

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