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संविधान निर्माता के संदेशों को किया याद
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कार्यकर्ताओं ने लगाए भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारे
नवापारा-राजिम.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की गोबरा नवापारा इकाई ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस को ‘सामाजिक समरसता दिवस’ के तौर पर मनाया। इस अवसर पर शुक्रवार को नगर के चंपारण चौक स्थित अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्ज्वलित कर उनके आदर्शों को याद किया।
राष्ट्रवाद और मानवता के पुजारी थे अंबेडकर
कार्यक्रम के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल दलितों के मसीहा नहीं थे, बल्कि उन्होंने समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए समान रूप से कार्य किया। उन्होंने भारतीय संविधान के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक के लिए स्वतंत्रता, समानता और बंधुता का आदर्श प्रस्तुत किया।
‘शिक्षित बनो, संगठित रहो’ का दिया संदेश
अभाविप सदस्यों ने कहा कि बाबा साहब एक प्रखर राष्ट्रवादी और मानवता के पुजारी थे। उनका दिया गया मूल मंत्र— “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”— आज भी सामाजिक समरसता स्थापित करने के लिए प्रेरणास्रोत है। संगठन का उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है ताकि समाज में भेदभाव समाप्त हो सके।
नारों से गूंजा स्थल
श्रद्धांजलि सभा के समापन पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने “डॉ. भीमराव अंबेडकर अमर रहें”, “भारत माता की जय”, “छत्तीसगढ़ महतारी की जय” और “वन्दे मातरम्” के नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व नगर मंत्री दीपक साहू, नगर सह मंत्री दिपेश सेन, कोषाध्यक्ष अभिषेक कंसारी, नगर एस.एफ.एस. प्रमुख आयुष रजक, खेलो भारत प्रमुख धर्मेन्द्र साहू, नगर कार्यकारिणी सदस्य सोम निर्मलकर, प्रेम साहू, जगमोहन साहू और श्लोक शर्मा सहित अभाविप के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।








