दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ईद पर्व के दौरान एक भगवा झंडा लगाने को लेकर उपजा विवाद अब गहरा गया है। एक आर्मी जवान के घर भगवा ध्वज लगाने पर दो पुलिसकर्मियों द्वारा विवाद और बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आने के बाद यह तेजी से सुर्खियों में आया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद भाजयुमो (भारतीय जनता युवा मोर्चा) ने खुलकर आर्मी जवान का समर्थन किया है और उसके घर पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में फिर से भगवा झंडा फहराया है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना ईद के दिन की है। मोहल्ले को हरे झंडों से सजाया गया था। इसी दौरान, वहां रहने वाले आर्मी जवान कौशल निषाद ने अपने घर पर भगवा झंडा लगा लिया। रात के समय, दो पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कौशल निषाद से भगवा झंडा उतारने को कहा। जवान के इनकार करने पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की भी की। जवान ने उन्हें अपनी आर्मी सर्विस के बारे में बताया, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया।
पुलिसकर्मियों की कार्रवाई पर सवाल
इस पूरी घटना का वीडियो अगले ही दिन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई को स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया।
भाजयुमो ने दिखाया एकजुटता
विवाद बढ़ने के बाद आज सुबह भाजयुमो के अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने अपनी सैकड़ों कार्यकर्ताओं की टोली के साथ आर्मी जवान कौशल निषाद के घर पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर उनके घर पर भगवा झंडा लहराया और अपना पूर्ण समर्थन दिखाया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ के जोरदार नारे लगाए और एक स्वर में गाया, “किसी का नीला, किसी का पीला, किसी का झंडा लाल है, इस भगवे को रोक सके वो कौन माई का लाल है।” यह प्रदर्शन पुलिस कार्रवाई के खिलाफ हिंदू संगठनों की एकजुटता को दर्शाता है।









