
नवा रायपुर।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक टीम ‘सूर्यकिरण’ ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह सहित हजारों नागरिकों ने आसमान में उड़ते विमानों के करतबों का रोमांचक दृश्य देखा।
वायुसेना के फाइटर पायलटों ने अद्भुत समन्वय और नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए एक के बाद एक शानदार एरोबैटिक मूवमेंट्स किए। नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों की टीम ने आसमान में हार्ट, डायमंड, ग्रोवर, कॉम्बैट तेजस जैसे फार्मेशन बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जब विमानों ने तिरंगे रंगों की धारा के साथ भारत माता की जय के जयकारे के बीच आसमान में दिल की आकृति बनाई, तो पूरा सेंध जलाशय परिसर देशभक्ति से गूंज उठा।
सूर्यकिरण टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं राज्य के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने अपने कॉकपिट से ‘जय जोहार’ और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ कहकर दर्शकों का अभिवादन किया।
विंग कमांडर ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। मात्र 15 मीटर की ऊंचाई पर ‘आदिदेव’ हेलीकॉप्टर से 14 गरुड़ कमांडोज ने रस्सी के सहारे नीचे उतरते हुए अपना कौशल दिखाया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, टंकराम वर्मा, ओ.पी. चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े, गुरू खुशवंत साहेब और सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने एयर शो के दौरान लाइव कमेंट्री कर दर्शकों को रोमांचित किया। उन्होंने पायलटों के अनुशासन, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों को भी साझा किया।
सूर्यकिरण टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि वायुसेना केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और देशभक्ति की सजीव मिसाल है।
सूर्यकिरण टीम: एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक यूनिट
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) की स्थापना 1996 में की गई थी। यह एशिया की एकमात्र नौ फाइटर विमानों वाली एरोबैटिक टीम है, जो भारत में निर्मित हॉक एमके-132 (Hawk Mk-132) विमानों से उड़ान भरती है।
अब तक यह टीम भारत में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है और चीन, श्रीलंका, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई जैसे देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। इस टीम में 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।
सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उत्कृष्टता, अनुशासन और पेशेवर निपुणता की प्रतीक है, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति और सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाना है।










