मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने को तैयार आयोग: बाकी बचे राज्यों में भी होगा सघन पुनरीक्षण (SIR)
नई दिल्ली।
मतदाता सूची को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे भारी विरोध को दरकिनार करते हुए आयोग ने अब देश के बाकी बचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर – SIR) कराने का निर्णय लिया है। इस व्यापक अभियान की शुरुआत आगामी अप्रैल माह से की जाएगी।
सीईओ को तैयारी के निर्देश
इस संबंध में गुरुवार को आयोग ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शेष राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (सीईओ) को पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसआईआर से पहले की जाने वाली सभी आवश्यक तैयारियों को समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए।
इन राज्यों में शुरू होगी प्रक्रिया
आयोग ने जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को पत्र भेजा है, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादर एवं नागर हवेली व दमन व दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, लद्दाख, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना व उत्तराखंड शामिल हैं।
गड़बड़ियों को खत्म करने का लक्ष्य
गौरतलब है कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, गुजरात, बंगाल, केरल और तमिलनाडु सहित 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में यह कार्य प्रगति पर है। चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद किसी भी प्रकार की गड़बड़ियों और खामियों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे।






