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‘भूपेश है तो भरोसा है’ चैनल पर वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप
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प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, तीन दिन में कार्रवाई की मांग
रायपुर.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का वीडियो सोशल मीडिया पर एडिट कर भ्रम फैलाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह से मुलाकात कर इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
‘भूपेश है तो भरोसा है’ चैनल पर आरोप
भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने शिकायत में बताया कि “भूपेश है तो भरोसा है” नामक एक सोशल मीडिया चैनल द्वारा मुख्यमंत्री के वीडियो को तोड़-मरोड़ कर प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित लोग इस कृत्य के जरिए प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राजनीति के गिरते स्तर का प्रमाण: चिमनानी
प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने इसे कांग्रेस की ओछी मानसिकता करार दिया। उन्होंने कहा, “मुद्दों की कमी से जूझ रही कांग्रेस अब गंदी राजनीति पर उतर आई है। एक आदिवासी मुख्यमंत्री के वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से प्रस्तुत करना राजनीति के पतन का प्रमाण है।” चिमनानी ने कहा कि यह केवल एक नेता की छवि का सवाल नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा का हनन है।
पेन ड्राइव में सबूत, एसएसपी ने दिया जांच का भरोसा
मुलाकात के दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को एक पेन ड्राइव सौंपी, जिसमें छेड़छाड़ किया गया वीडियो बतौर सबूत मौजूद है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राप्त सामग्री की जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई होगी।
साथ ही, एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री की सत्यता जांचे बिना उसे शेयर न करें, क्योंकि भ्रामक प्रचार कानूनन अपराध है।









