गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 लाख तक की मदद, मुख्यमंत्री ने किया सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन प्रोजेक्ट का आगाज
OM Darpan
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज का मनोबल बढ़ाना और उसे भावनात्मक सहयोग देना भी जरूरी है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने विशेषज्ञों से ऐसी आधुनिक तकनीकों और अनुसंधानों पर काम करने का आग्रह किया जिससे कैंसर की पहचान शुरुआती स्तर पर हो सके और इलाज सस्ता व सुलभ बने। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का पक्ष इस लड़ाई को और मजबूत बनाता है।
राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जो अब बढ़कर 15 हो गए हैं। सरकार पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य कर रही है। इन संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के लिए आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञता विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
100 एकड़ में बनेगी मेडिसिटी
नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं और वर्ष 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है।
इलाज के लिए 25 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद के उपचार में बाधा न बने, इसके लिए आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से 25 लाख रुपए तक की सहायता दी जा रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, जिनमें से 40 हजार लोगों को उपचार से जोड़ा गया है।
कैंसर मरीजों का बनेगा डेटाबेस
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की कि प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। इससे मरीजों का एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार होगा, जिससे उनके उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का बेहतर संधारण हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है।
11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल
'रिस्टोरिंग बैलेंस टू कैंसर केयर' थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान विशेष रूप से स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम में बालको मेडिकल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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