दरोगा की चालबाजी पड़ी भारी: पत्रकारों को फंसाने वाला अजय सोनकर पहुंचा जेल
OM Darpan
Aug 14, 2024 02:10 am
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14 Aug 2024
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कोंटा के चिंतालूर थाने में हुई बड़ी कार्रवाई, टीआई अजय सोनकर निलंबित और गिरफ्तार
जगदलपुर (कौशल संदुजा) |
सुकमा जिले के कोंटा थाने के चिंतालूर क्षेत्र में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें थाना प्रभारी अजय सोनकर की पत्रकारों के खिलाफ की गई साजिश सामने आई है। पत्रकारों के वाहन में गांजा रखकर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने के इस गंभीर मामले में अब अजय सोनकर खुद कानून के शिकंजे में फंस गए हैं। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के निर्देश पर की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सोनकर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि टीआई अजय सोनकर ने अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए चिंतालूर थाने के सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को निकालकर अपने कब्जे में ले लिया था। इस कृत्य से उनके खिलाफ और भी गंभीर आरोप पुख्ता हुए। मामले की पूरी जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने कड़ा कदम उठाते हुए अजय सोनकर को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि थाना प्रभारी अजय सोनकर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 324 और 331 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। इस घटना ने बस्तर संभाग में पुलिस प्रशासन की छवि को धूमिल किया है, लेकिन साथ ही यह संदेश भी दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
पत्रकारों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय की जीत है और भविष्य में ऐसे मामलों में पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह घटना पुलिस प्रशासन की साख पर भी सवाल उठाती है, लेकिन इस बात की भी गवाही देती है कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय जरूर मिलता है।
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