कोण्डागांव में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से 121 गांवों की राह आसान
OM Darpan
9 बसों के संचालन से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों को मिला सुगम और नियमित परिवहन, समय और पैसे की हो रही बचत
कोण्डागांव। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस्तर संभाग के कोण्डागांव जिले के अंदरूनी ग्रामीण इलाकों को सुगम परिवहन सुविधा से जोड़ दिया गया है। जिले के दूरस्थ अंचलों के 121 गांवों को लाभ पहुंचाने के लिए कुल 09 बसें चलाई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को साप्ताहिक बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और जिला मुख्यालय तक आवागमन में बड़ी राहत मिल रही है।
साप्ताहिक बाजार और जरूरी कामों के लिए मिली बड़ी राहत
इरागाँव निवासी धनसू राम सेठिया ने बताया कि पहले गांव में बस सेवा उपलब्ध न होने से आने-जाने में भारी परेशानी होती थी। बसों की शुरुआत से आवागमन आसान होने के साथ समय, श्रम और पैसों की बचत हो रही है। साप्ताहिक बाजार और जरूरी कामों के लिए आने-जाने में सुविधा मिली है। वहीं बस संचालक इंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि बसें सीधे गांव तक पहुंचने से आम जनता में भारी उत्साह है।
छात्राओं की पढ़ाई हुई आसान, लिफ्ट लेने के खतरे से मिली मुक्ति
गांवों से कॉलेज जाने वाली छात्राओं को नियमित बस सेवा का सीधा फायदा मिल रहा है। इससे केशकाल स्थित कॉलेज तक उनका पहुंचना आसान हो गया है। छात्राओं ने बताया कि पहले साधन सीमित होने के कारण अनजान लोगों से लिफ्ट लेकर जाना पड़ता था, लेकिन अब नियमित बस चलने से उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी है।
साय सरकार की पहल से सभी प्रमुख मार्गों पर दौड़ रही बसें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर बस्तर और सरगुजा संभाग में यह बसें किफायती दरों पर चलाई जा रही हैं। कोण्डागांव जिले के प्रमुख मार्गों पर लाभान्वित गांवों का ब्योरा इस प्रकार है:
कोण्डागांव से मर्दापाल मार्ग: 22 गांव
बहीगांव से विश्रामपुरी मार्ग: 12 गांव
कोण्डागांव से कमेला मार्ग: 06 गांव
छतोडी से कोण्डागांव मार्ग: 17 गांव
कोनगुड़ से फरसगांव मार्ग: 11 गांव
भैंसाबेड़ा से केशकाल मार्ग: 18 गांव
कनकपुर से कोण्डागांव मार्ग: 10 गांव
छतोडी से जगदलपुर मार्ग: 17 गांव
माकड़ी से फरसगांव मार्ग: 08 गांव
योजना का एक साल पूरा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 04 अक्टूबर को इस योजना की शुरुआत की थी। सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ने से विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं की स्वास्थ्य, शिक्षा व बाजार तक पहुंच सुगम हुई है।
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