शिक्षा के साथ खिलवाड़ या राजनीतिक तमाशा? : पीएम के जन्मदिन पर शिक्षकों से दीप जलवाने पर विष्णुदेव साय सरकार बेनकाब: पंकज शर्मा
OM Darpan
कांग्रेस नेता पंकज शर्मा का तीखा प्रहार, शिक्षकों को बच्चों का भविष्य बनाने के बजाय राजनीतिक आयोजनों की सजावट में झोंकने का लगाया आरोप
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को दरकिनार कर राजनीतिक आयोजनों को प्राथमिकता देने के गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने इस प्रशासनिक रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। मामला प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर शिक्षकों की ड्यूटी दीप जलाने जैसे कार्यों में लगाए जाने से जुड़ा है। शर्मा ने सत्ता के इस उत्सव को शिक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ किया गया एक निर्मम खिलवाड़ करार दिया है।
किताब और कलम की जगह हाथों में थमाए जा रहे दीप
प्रशासनिक निर्देशों के तहत जिन शिक्षकों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए थी, उन्हें अब राजनीतिक आयोजनों की सजावट का हिस्सा बना दिया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने के बजाय सरकार द्वारा शिक्षकों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रमों में झोंकना चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि यह कदम न केवल शिक्षा व्यवस्था का खुला मजाक है, बल्कि इससे स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मंच की रोशनी के लिए कक्षाओं में अंधेरा
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार की प्राथमिकताओं को बेनकाब कर दिया है। वर्तमान शासन को कक्षाओं के भीतर ज्ञान का उजाला फैलाने से ज्यादा महत्वपूर्ण राजनीतिक मंचों की चमक दिखाई दे रही है। बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को दांव पर लगाकर शिक्षकों को सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों की सजावट के लिए इस्तेमाल करना प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। शर्मा के अनुसार, यह पूरी तरह से शर्मनाक है कि प्रशासन शिक्षा के मूल उद्देश्यों को भूलकर उत्सवों की चकाचौंध में डूबा हुआ है।
जरूरी खबरें
विज्ञापन