चिरायु योजना: धमतरी के मासूम भाव्यांश को मिला नवजीवन, हुई सफल हार्ट सर्जरी
OM Darpan
✍️ विशेष संवाददाता
धमतरी। धमतरी के नन्हें भाव्यांश साहू के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित 'चिरायु योजना' वरदान साबित हुई है। जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे इस मासूम को योजना के माध्यम से समय पर सही इलाज मिला, जिससे अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। चिरायु टीम की सक्रियता से बच्चे के परिवार में खुशियां लौट आई हैं।
इस मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब शहरी चिरायु टीम धमतरी ने जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में बच्चों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने भाव्यांश में जन्मजात हृदयरोग के लक्षणों की पहचान की। टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को उच्च स्तरीय उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर कर दिया और परिजनों का मार्गदर्शन किया।
सत्य साईं अस्पताल में हुआ निःशुल्क ऑपरेशन
अस्पताल में विशेषज्ञों की गहन जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। भाव्यांश को 31 अगस्त 2026 को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां 2 सितंबर 2026 को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम ने सफल हृदय सर्जरी की। चिकित्सकों की निरंतर देखरेख और सही देखभाल के बाद मासूम के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। अंततः 9 सितंबर 2026 को उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। चिरायु टीम और विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वय से भाव्यांश अब सामान्य जीवन में लौट आया है। सरकार की यह योजना प्रदेश के जरूरतमंद बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
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