रायपुर।
छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने विधानसभा में अपनी सरकार का तीसरा और राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी बजट पेश कर दिया है। 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का यह बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के विजन को समर्पित है। बजट की थीम ‘SANKALP’ (संकल्प) रखी गई है, जिसमें समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी से परिणाम तक का खाका खींचा गया है।
बजट भाषण की शुरुआत भावुक और ओजस्वी पंक्तियों से हुई:
“ना चंदन से ना कुमकुम से, श्रृंगार करा कर आया हूँ। ना रोली से ना वंदन से, मस्तक सजा कर आया हूँ। स्वयं ईश्वर भी जो कामना करें, वो सौभाग्य जगा कर आया हूँ। अपने छत्तीसगढ़ की माटी से, मैं तिलक लगा कर आया हूँ।”
नक्सलवाद का अंत और बस्तर का कायाकल्प
सरकार ने सदन में स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इस दिशा में ‘नियद नेल्लानार’ योजना और अबूझमाड़ व जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘एजुकेशन सिटी’ की स्थापना एक क्रांतिकारी कदम है। वित्त मंत्री ने कहा कि अब बस्तर के युवाओं के सिर पर केवल ‘गौर सींग’ नहीं दिखेगा, बल्कि उनके गले में ‘स्टेथोस्कोप’ भी होगा। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं और बालिकाओं के लिए ‘रानी दुर्गावती योजना’
नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने ‘रानी दुर्गावती योजना’ का ऐलान किया है। इसके तहत बालिका के जन्म होने पर उसे 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1.5 लाख रुपये की गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा दी जाएगी। वहीं, महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया है, जिससे 70 लाख महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 5 लाख बहनों को आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है, अब उनके लिए ‘लखपति दीदी भ्रमण योजना’ भी शुरू की जाएगी।
किसानों के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ और ₹3100 का वादा
खेती-किसानी को बजट का आधार बताते हुए सरकार ने कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, दलहन, तिलहन और मक्का को भी इस योजना के दायरे में लाया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगाँव में 2,024 करोड़ की लागत से बैराज निर्माण प्रमुख है।
युवाओं के लिए CG-ACE और नई शिक्षा नीति
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु CG-ACE (Assistance for Competitive Exams) योजना शुरू की गई है, जिसके तीन घटक—उड़ान (NEET/JEE), शिखर (UPSC/CGPSC) और मंजिल (Banking/Railway)—होंगे। रायपुर में 25 करोड़ की लागत से ‘मेगा परीक्षा केंद्र’ बनाया जाएगा। साथ ही, 5 कॉलेजों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
अधोसंरचना: रायपुर का नया अवतार और मेट्रो रेल
राजधानी रायपुर के लिए ‘राजधानी पैकेज’ के तहत फ्लाईओवर, अंडरग्राउंड बिजली लाइन और ट्रैफिक सुधार के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया है। दुर्ग और बिलासपुर संभाग में भी सड़कों और फ्लाईओवर का जाल बिछेगा। प्रदेश में ‘द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना’ के तहत 36 प्रमुख सड़कों को 2-लेन किया जाएगा। नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई जैसे आधुनिक निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मेट्रो रेल परियोजना के लिए सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और बजट में इसके लिए प्रावधान रखा गया है।
स्वास्थ्य: 5 नए मेडिकल कॉलेज और कैशलेस सुविधा
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और जशपुर में मेडिकल कॉलेज संचालित किए जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों के लिए 100 करोड़ की लागत से ‘कैशलेस चिकित्सा सुविधा’ शुरू होगी। शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख तक का मुफ्त इलाज जारी रहेगा।
5 नए मुख्यमंत्री मिशनों का आगाज़
सरकार ने मिशन मोड में काम करने के लिए 5 नए मिशन लॉन्च किए हैं:
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मुख्यमंत्री AI मिशन: छत्तीसगढ़ को तकनीकी केंद्र बनाने के लिए।
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मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: शक्तिपीठ सर्किट और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए।
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मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: ओलंपिक विजेताओं को 3 करोड़ तक की सम्मान राशि।
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मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन: भविष्य की जरूरतों के लिए पूंजीगत निवेश।
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मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन: युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाने के लिए।
धार्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण
शक्तिपीठों (कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर, दंतेवाड़ा) को जोड़ने के लिए ‘छत्तीसगढ़ आस्था पथ योजना’ शुरू की जाएगी। श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं, वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन उत्सव मनाया जाएगा।






