रायपुर ।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक और सार्थक पहल की गई है। सरकारी कामकाज में तेजी और फाइलों के समयबद्ध निपटारे को बढ़ावा देने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया है। मुख्य सचिव विकास शील ने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में चयनित अधिकारियों को प्रशंसा पत्र सौंपकर उनकी हौसला अफजाई की।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नवंबर 2025 के लिए मंत्रालय के अधिकारियों के कार्यों का ई-ऑफिस डेटा के आधार पर मूल्यांकन किया गया था। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ाना है। मुख्य सचिव विकास शील ने 6 जनवरी 2026 को महानदी भवन के पंचम तल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि यह मूल्यांकन तंत्र अधिकारियों के लिए सकारात्मक प्रेरणा और कार्य संतुष्टि का माध्यम बनेगा।
इन अधिकारियों को मिला सम्मान
मूल्यांकन में संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का चयन किया गया। सम्मानित होने वाले अधिकारियों में शामिल हैं:
संयुक्त सचिव स्तर: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की श्रीमती जयश्री जैन, खाद्य विभाग के गजपाल सिंह सिकरवार और आदिम जाति कल्याण विभाग के भूपेन्द्र सिंह राजपूत।
उप सचिव स्तर: स्वास्थ्य विभाग के विजय कुमार चौधरी, विधि विभाग के राहुल कुमार और जल संसाधन विभाग की डॉ. रेणुका श्रीवास्तव।
अवर सचिव स्तर: विधि विभाग के रनबहादुर ज्ञवाली व अरुण कुमार मिश्रा और गृह विभाग के पूरन लाल साहू।
अनुभाग अधिकारी स्तर: नगरीय प्रशासन विभाग के मनीराम रात्रे, आदिम जाति कल्याण विभाग के महेश कुमार और गृह विभाग के नागराजन।
बनेगा ‘वॉल ऑफ फेम’
मुख्य सचिव ने घोषणा की कि भविष्य में समयपालन और उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए भी पुरस्कार प्रणाली शुरू की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों के नाम सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट और मंत्रालय परिसर की डिजिटल स्क्रीन पर ‘वॉल ऑफ फेम’ के रूप में प्रदर्शित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया अब हर महीने नियमित रूप से जारी रहेगी।






