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मजदूर पिता की बेटी ने रचा इतिहास! 487 अंक लाकर बनीं झारखंड इंटर आर्ट्स टॉपर, अब IAS बनकर देश की सेवा करने का है सपना

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बोकारो (ओमदर्पण न्यूज़)।

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा 2026 के परिणामों में बोकारो जिले के कसमार प्रखंड की बेटी ने पूरे प्रदेश में परचम लहराया है। खैराचातर गांव की रहने वाली छोटी कुमारी ने 487 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस शानदार सफलता से न केवल उनके गांव और विद्यालय बल्कि पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

छोटी कुमारी पीएमश्री क्षेत्रनाथ प्लस टू उच्च विद्यालय हरनाद की छात्रा हैं। उनके पिता भवानी शंकर नायक एक साधारण दिहाड़ी मजदूर हैं और माता का नाम माला देवी है। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद छोटी ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल कर साबित कर दिया है कि प्रतिभा सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। उनके पिता ने कठिन परिस्थितियों और मजदूरी के बावजूद बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

IAS बनकर देश की सेवा करने का है सपना

स्टेट टॉपर बनने के बाद अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए छोटी कुमारी ने बताया कि उनका सपना आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार, समाज और प्रशासन का सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो वह आगे चलकर यूपीएससी (UPSC) की तैयारी करेंगी। छोटी को पूरा विश्वास है कि अवसर मिलने पर वह अपना यह सपना भी अवश्य पूरा करेंगी।

रोजाना 4 से 5 घंटे की नियमित पढ़ाई

अपनी अध्ययन शैली के बारे में बताते हुए छोटी ने कहा कि परीक्षा के दौरान अचानक दिन-रात एक करने के बजाय उन्होंने हमेशा नियमित पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक लगातार पढ़ाई करती थीं। उनका मानना है कि अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई के दौरान कई परेशानियां भी आईं। कई बार बिजली कटने से दिक्कत होती थी, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।

माता-पिता और गुरुजनों को दिया श्रेय

छोटी ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अपने इतिहास के शिक्षक इरशाद अख्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर सही मार्गदर्शन दिया।

छोटी की इस बड़ी उपलब्धि से खैराचातर गांव सहित पूरे कसमार क्षेत्र में गर्व और उत्साह का वातावरण है। लोग मजदूर की इस बेटी की सफलता को मेहनत, कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल मान रहे हैं।

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