दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
दुर्ग जिले में भू-अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तहसील कार्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व अधिकारियों, निरीक्षकों और पटवारियों को भू-रिकॉर्ड, जिसे ‘भुइयां’ कहा जाता है, को दुरुस्त करने के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य लंबित मामलों को निपटाना और करोड़ों की बकाया डायवर्सन राशि की वसूली करना है।
लंबित मामलों पर सख्त रुख
बैठक में कलेक्टर सिंह ने लंबित राजस्व प्रकरणों जैसे खसरा संकलन, विलोपन, शून्य रकबा, नक्शा बटांकन, स्वतः नामांतरण, डीएससी सत्यापन और कृषक पंजीयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन द्वारा तय समय-सीमा के भीतर इन सभी मामलों को निपटाने का सख्त आदेश दिया। खासकर, बड़े पैमाने पर लंबित नक्शा बटांकन के लिए राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को लक्ष्य दिए गए हैं।
कलेक्टर ने उन भूमिस्वामियों पर भी सख्ती दिखाई जिन्होंने डायवर्सन के बाद भी अब तक निर्धारित राशि जमा नहीं की है। उन्होंने लंबित करोड़ों रुपये की राशि वसूलने के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया। बड़े बकायादारों की पहचान कर उनसे वसूली में तेजी लाने को कहा गया है।
इस बैठक में अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग हरवंश मिरी, भू-अभिलेख शाखा प्रभारी लता उर्वशा, अधीक्षक भू-अभिलेख अजित चौबे, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता, क्षमा यदु, हुलेश्वर खूंटे, ढाल सिंह बिसेन, वासु मित्र दीवान, सहित सभी राजस्व निरीक्षक, पटवारी और भुइयां ऑपरेटर शिप्रा सिंह उपस्थित थे।









