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प्रदेश में 47.40 लाख हेक्टेयर में फसलों की बोनी, 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल बीज वितरित
✍️ डिजिटल डेस्क
रायपुर | प्रदेश में इस साल खरीफ सीजन की खेती-किसानी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 25 अगस्त की स्थिति के अनुसार, राज्य में तय लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 97 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद, बीज और कर्ज उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त निर्देश: खाद-बीज वितरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को खाद और बीज सुगमता से मिलने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने सोसायटियों में पर्याप्त भंडारण और सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया पर निरंतर नजर रख रहे हैं।
लाखों क्विंटल बीज और मीट्रिक टन खाद का हुआ वितरण
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज बांटे जा चुके हैं। धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी प्रमुख फसलों की बोनी लगभग अंतिम चरण में है। बीज निगम ने सीजन 2026 के लिए 4.95 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा था, जिसके मुकाबले 4.80 लाख क्विंटल का भंडारण कर 93 प्रतिशत मांग पूरी कर ली गई है। इसी तरह, 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण के लक्ष्य के मुकाबले 16.67 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है, जिसमें से 72 प्रतिशत वितरण हो चुका है।
औसत से अधिक बारिश और ₹7778 करोड़ का कृषि ऋण
राज्य में बारिश की स्थिति भी उत्साहजनक है। 25 अगस्त तक प्रदेश में 839.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत 810.2 मि.मी. से 29.2 मि.मी. अधिक है। वहीं, किसानों की आर्थिक मदद के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 7778.76 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया है। खरीफ सीजन 2026 के लिए इस वर्ष 8800 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 6449.95 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था।









