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जे.पी. नड्डा के बाद इस पद पर पहुंचने वाले दूसरे नेता
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खरमास के कारण कार्यकारी नियुक्ति, मकर संक्रांति के बाद संभालेंगे पूर्ण कमान
नई दिल्ली.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को एक अहम संगठनात्मक फेरबदल करते हुए बिहार के कद्दावर नेता नितिन नबीन को पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा के इतिहास में नबीन केवल दूसरे ऐसे नेता हैं, जिन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनसे पहले वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने 2019 में अमित शाह के कार्यकाल के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नबीन की नियुक्ति पार्टी नेतृत्व में एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। 45 वर्षीय नबीन का औपचारिक रूप से अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है।
संविधान में नहीं, पर व्यवहार में ‘सीढ़ी’ बना पद
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के संविधान में ‘कार्यकारी अध्यक्ष’ की नियुक्ति का कोई औपचारिक प्रावधान नहीं है। हालांकि, 2019 से यह पद राष्ट्रीय अध्यक्ष का पूर्ण दायित्व संभालने से पहले एक महत्वपूर्ण सीढ़ी बन गया है। जब अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री बने थे, तब जे.पी. नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने छह महीने तक शाह के साथ काम किया और जनवरी 2020 में पूर्णकालिक अध्यक्ष चुने गए। अब नितिन नबीन भी इसी राह पर हैं और वे नड्डा की मदद करते हुए अध्यक्ष पद के तौर-तरीके सीखेंगे।
खरमास के चलते अभी हुई कार्यकारी घोषणा
नबीन की नियुक्ति की टाइमिंग को लेकर पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि 16 दिसंबर (सोमवार) से खरमास शुरू हो रहा है, जिसे हिंदू मान्यताओं में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। इसी वजह से रविवार को ही उनकी नियुक्ति की घोषणा कर दी गई। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद जब यह अवधि समाप्त होगी, तब नए पार्टी प्रमुख के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सबसे युवा अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
यदि नितिन नबीन अगले वर्ष औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करते हैं, तो वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष होंगे। वर्तमान में यह रिकॉर्ड नितिन गडकरी के नाम है, जिन्होंने 52 वर्ष की उम्र में कमान संभाली थी। नबीन अभी 45 वर्ष के हैं। साथ ही, वे बिहार और पूर्वी भारत से भाजपा के अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता होंगे।
नबीन पटना की बांकीपुर सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं और बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वे 26 वर्ष की आयु में अपने पिता नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद पहली बार विधायक बने थे। वे छत्तीसगढ़ और सिक्किम के प्रभारी के रूप में भी अपनी संगठनात्मक क्षमता साबित कर चुके हैं।
30 राज्यों में चुनाव संपन्न, रास्ता साफ
भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए देश के कम से कम आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य होता है। पार्टी ने अब तक 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 30 में यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। नेताओं के अनुसार, अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया में लगभग चार दिन लगेंगे और 14 जनवरी के तुरंत बाद नबीन की ताजपोशी की जा सकती है। भाजपा और संघ (RSS) की परंपरा के मुताबिक, यह चुनाव सर्वसम्मति से होने की पूरी संभावना है।
पीएम मोदी ने बताया ‘युवा और कर्मठ’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा, “वे एक युवा और कर्मठ नेता हैं, जिनके पास समृद्ध संगठनात्मक अनुभव है। उन्होंने जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लगन से काम किया है। मुझे विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में हमारी पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे।”









