‘ई-प्रगति’ पोर्टल लॉन्च, 10 नवाचारी पहलों को मिला एक्सीलेंस अवॉर्ड
रायपुर | (ओम दर्पण ब्यूरो):
सुशासन (गुड गवर्नेंस) केवल सरकारी फाइलों और कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका असर आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में स्पष्ट नजर आना चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26’ समारोह को संबोधित करते हुए कही।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने सुशासन और नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले राज्य के 5 जिलों और 5 विभागों को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बड़ी परियोजनाओं की निगरानी के लिए ‘ई-प्रगति पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया।
ई-प्रगति पोर्टल: एक क्लिक पर प्रोजेक्ट्स की कुंडली
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि ई-प्रगति पोर्टल के जरिये अब 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सभी निर्माण कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। निर्माण की मंजूरी, बजट, मजदूरी, भुगतान से लेकर स्ट्रक्चर लेवल तक के सभी पहलुओं पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की सीधी नजर रहेगी। इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता आएगी और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
इन 5 जिलों के नवाचारों ने जीता दिल
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दंतेवाड़ा (ब्लॉकचेन आधारित लैंड रिकॉर्ड): यहां जमीन के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ रोकने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक अपनाई गई। जो काम हफ्तों में होता था, अब मिनटों में हो रहा है। धोखाधड़ी पूरी तरह खत्म हुई है।
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जशपुर (निर्माण जशपुर): 16 विभागों के 7,300 प्रोजेक्ट्स की डिजिटल मॉनिटरिंग की गई। इससे कार्यों की गुणवत्ता सुधरी और लेटलतीफी कम हुई।
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मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी (पोषाहार): संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) के जरिये गंभीर कुपोषित बच्चों की सेहत में 77.5% का सुधार दर्ज किया गया।
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गरियाबंद (हाथी ट्रैकिंग ऐप): एआई (AI) और रियल टाइम अलर्ट से हाथी-मानव संघर्ष में जनहानि लगभग शून्य हो गई।
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नारायणपुर (इंटिफाई इंटेलिजेंस): नक्सल प्रभावित क्षेत्र में डेटा और पूर्वानुमान आधारित इस टूल से 100 से ज्यादा अभियान सफल हुए और सुरक्षा बलों का समन्वय बेहतर हुआ।
इन 5 विभागों का बजा डंका
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शिक्षा विभाग: ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (VSK) के जरिये 56,000 स्कूलों और 57.5 लाख छात्रों की निगरानी की जा रही है, जिससे ड्रॉपआउट रोकने में मदद मिली।
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वाणिज्य एवं उद्योग: ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम’ से 16 विभागों की 136 सेवाएं एक जगह मिलीं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
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आबकारी विभाग: ई-गवर्नेंस, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम से 5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता बढ़ाई।
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वन विभाग: ‘ई-कुबेर’ से कैशलेस भुगतान व्यवस्था लागू की। 1776 करोड़ का भुगतान सीधे हुआ, जिससे मजदूरों को समय पर पैसा मिला।
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पंचायत विभाग: मनरेगा में क्यूआर (QR) कोड से सूचना देने की व्यवस्था लागू की, जिससे 11,000 पंचायतों में पारदर्शिता आई और बिचौलिये खत्म हुए।
अधिकारियों की जवाबदेही तय, भ्रष्टाचार पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस और डिजिटलीकरण से फाइलें अब हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। रजिस्ट्री विभाग में हुए सुधारों से लोग घर बैठे रजिस्ट्री करा रहे हैं। खनिज परिवहन की ऑनलाइन परमिट और जेम (GeM) पोर्टल से खरीदी ने भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम कर दी है। उन्होंने बताया कि ‘सुशासन तिहार’ के जरिये गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया, जो जनभागीदारी की मिसाल है।
सीएम ने घोषणा की कि नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘पहल’ (नए विचारों के लिए) और ‘प्रेरणा’ (सफल योजनाओं के विस्तार के लिए) योजनाएं शुरू की जा रही हैं। जल्द ही ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ भी शुरू होगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम को अपडेट कर ‘LSG-2.0’ के रूप में लाया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री विकास शील ने विजेताओं को बधाई दी। स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया और आभार प्रदर्शन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस मौके पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस (गृह) श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक और संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।










