रायपुर।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर गंभीर हमला करते हुए कहा कि एक ओर जहां सरकार प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर फाइव स्टार सुविधाएं जुटाने के लिए तामझाम में करोड़ों रुपए फूंक रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के गरीब सरकार अस्पताल में मुफ्त जांच तक नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरू की गई मुफ्त जांच की सुविधाएं साय सरकार ने बंद कर दी हैं, जिसके कारण प्रदेश के गरीबों के इलाज का सबसे बड़ा सहारा, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (मेकाहारा), बदहाली के दौर से गुजर रहा है।
मेकाहारा में वसूली की खुली छूट, आयुष्मान कार्ड भी फेल
दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये बताया कि सरकार की लापरवाही और अकर्मण्यता के कारण मेकाहारा में मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल अंबेडकर मेकाहारा में अब आयुष्मान कार्ड से भी जांच नहीं हो रही है। एमआरआई और सीटी स्कैन जांच के लिए मरीजों से मोटी फीस वसूली जा रही है। गरीब मरीजों से ढाई हज़ार से पाँच हज़ार रुपए तक लिए जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि मेकाहारा में जांच के लिए निजी लैब से भी ज्यादा फीस वसूली जा रही है।
बैज ने खुलासा किया कि आयुष्मान कार्ड से जांच के लिए मरीज का भर्ती होना जरूरी कर दिया गया है। जो मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, उनका जांच बंद कर दिया गया है। उन्हें या तो प्राइवेट अस्पताल भेजा जा रहा है या जांच के लिए शुल्क लिया जा रहा है।
दवाइयां और इंजेक्शन गायब, स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश के सरकारी अस्पताल भगवान भरोसे चल रहे हैं। अस्पतालों में महीने भर से दवाइयां और इंजेक्शन नहीं हैं। प्राथमिक और जीवन रक्षक दवाइयां तक अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। टिटनेस, दर्द निवारक, एंटी रैबीज जैसे इंजेक्शन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और हमर अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर में 16 अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर हैं, लेकिन किसी में भी दवाईयां या इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। यह हालात बताते हैं कि सरकार की प्राथमिकता में लोगों का स्वास्थ्य है ही नहीं, बल्कि वह उत्सव मनाने में व्यस्त है।
राज्योत्सव में स्थानीय कलाकारों को मिले प्राथमिकता
दीपक बैज ने सरकार द्वारा आगामी राज्योत्सव और राज्य स्थापना के 25वें वर्ष पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना है कि सरकार इन कार्यक्रमों के लिए बालीवुड और बाहरी कलाकारों को आमंत्रित कर चुकी है। कांग्रेस की मांग है कि राजधानी के मुख्य कार्यक्रमों तथा जिलों के कार्यक्रमों में राज्य के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कलाकारों के भुगतान में दोहरा मापदंड न अपनाने की मांग करते हुए कहा कि जिस हिसाब से राज्य के बाहर के एवं फिल्मी कलाकारों को मानदेय का भुगतान हो, वैसा ही हमारे स्थानीय कलाकारों को भी किया जाना चाहिए।
आवास योजना में भी सरकार लापरवाह
बैज ने आवास योजना के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 18 लाख आवास देने का वादा कर सत्ता में आयी भाजपा चुनाव जीतने के बाद लोगों को आवास देने के मामले में भी लापरवाह बनी हुई है। उन्होंने प्रमाण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास में केंद्र ने छत्तीसगढ़ के कोटे में 50 हजार आवास स्वीकृत किये थे तथा राज्य सरकार को पात्र हितग्राहियों के नाम भेजने को कहा था, लेकिन साय सरकार ने तय सीमा तक केवल 11 हजार ही हितग्राहियों का नाम केंद्र को भेजा। यह कुल टार्गेट का मात्र 23 प्रतिशत है। यह बताता है कि भाजपा सरकार गरीबों को आवास नहीं देना चाहती है।








