महासमुंद/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और पहले त्यौहार हरेली की रौनक आज राजधानी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर देखने को मिली। लोकजीवन की मनमोहक खुशबू और संस्कृति के रंगों से सराबोर हरेली तिहार का यह उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया, जिसमें भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू भी इस उत्सव के साक्षी बने।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। यह पर्व इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ हर अवसर और कार्य के लिए विशेष पारंपरिक उपकरणों व वस्तुओं का उपयोग किया जाता है। हरेली के अवसर पर पारंपरिक कृषि यंत्रों और परिधानों की एक सुंदर प्रदर्शनी लगाई गई, जो प्रदेश की अनमोल धरोहर को दर्शा रही थी।
आकर्षण का केंद्र रही ‘खुमरी’
उत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ी पहनावे का एक खास हिस्सा ‘खुमरी’ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। यह बांस की पतली खपच्चियों से बनी एक कलात्मक टोपी है, जिसे गुलाबी रंग और कौड़ियों से सजाया गया था। यह विशेष तौर पर चरवाहों द्वारा सिर पर पहनी जाती है ताकि वे धूप और बारिश से अपना बचाव कर सकें। इस तरह के पारंपरिक परिधानों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।






