बिलासपुर |
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ निर्वाचन 2026 को लेकर विधिक गलियारों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद पर जहां सात उम्मीदवार मैदान में हैं, वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता भरतलाल सोनी ने अपनी प्रबल दावेदारी पेश कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वरिष्ठता, अनुभव और अधिवक्ता हितों के प्रति समर्पण को उन्होंने अपना मुख्य चुनावी आधार बनाया है।
26 वर्षों का अनुभव
अधिवक्ता भरतलाल सोनी पिछले 26 वर्षों से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपनी विधिक सहभागिता और संघर्षशील छवि के लिए पहचाने जाने वाले सोनी ने संघ के माध्यम से अधिवक्ताओं की समस्याओं को मुखरता से उठाने का वादा किया है। उनका संकल्प है कि निर्वाचित होने पर वे न्यायालय परिसर में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और अधिवक्ता समुदाय के हितों की रक्षा करेंगे।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान से मिल रही मजबूती
भरतलाल सोनी की दावेदारी को उनके हालिया सम्मान ने और मजबूती दी है। विदित हो कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विधि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु उन्हें वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित ‘बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान’ से नवाजा गया है। राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह (राज्योत्सव) में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया था। यह सम्मान उनकी विधिक विद्वता और समाज सेवा के प्रति निष्ठा का प्रमाण है।
12 फरवरी को मतदान, व्यापक समर्थन की अपील
अधिवक्ता हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें न्यायालय परिसर में व्यापक समर्थन मिल रहा है। भरतलाल सोनी ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे 12 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान में उन्हें अपना बहुमूल्य मत देकर उपाध्यक्ष पद पर विजयी बनाएं, ताकि वे नई ऊर्जा के साथ संघ की सेवा कर सकें।







