दंतेवाड़ा। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला मुख्यालय स्थित नवीन विश्राम गृह में जिले के समस्त पोटा केबिन आवासीय विद्यालयों, हाई स्कूल छात्रावासों और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के अधीक्षकों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शैक्षणिक व्यवस्था के साथ बच्चों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं की पड़ताल की गई।
शिक्षा मंत्री यादव ने दो टूक कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे संस्था को अपना घर और बच्चों को अपने बच्चों की तरह समझकर कार्य करें। अधीक्षक अनिवार्य रूप से संस्था में ही निवास करें और बच्चों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें।
प्रार्थना के साथ मंत्रोच्चार अनिवार्य
मंत्री ने प्रत्येक संस्था में शासन द्वारा निर्धारित समय-सारणी और शैक्षणिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रार्थना, अध्ययन, भोजन और खेलकूद की दिनचर्या सुव्यवस्थित रहे। प्रार्थना के समय मंत्रोच्चार और अमृतवाणी विचार का वाचन कराया जाए। बच्चों के बीमार होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर करने के निर्देश दिए गए।
मीनू के अनुसार मिलेगा गर्म भोजन
भोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने रसोईघर और खाद्य सामग्री के भंडारण की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण के लिए बनेगा दल
मंत्री ने जिला प्रशासन को आवासीय संस्थाओं के नियमित और औचक निरीक्षण के लिए अधिकारियों का दल गठित करने के निर्देश दिए। यह दल भवन, शौचालय, स्नानागार और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कर कमियों को समय पर दूर करेगा। बैठक में विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, सीईओ एम. भार्गव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।








