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कभी घर तक सीमित रहने वाली चित्ररेखा साहू अब ड्रोन के जरिए कर रही हैं खेतों में उर्वरक छिड़काव
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स्कूटी खरीदकर और पक्का घर बनाकर पेश की मिसाल
✍️ डिजिटल डेस्क
बालोद | बालोद जिले की चित्ररेखा साहू के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना जीवन में बदलाव की नई कहानी लेकर आई है। जो चित्ररेखा कभी केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वे आज आधुनिक कृषि तकनीक की विशेषज्ञ बनकर किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो उर्वरकों का छिड़काव कर रही हैं। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान की है, बल्कि समाज में ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में एक नई और सम्मानजनक पहचान भी दिलाई है। चित्ररेखा के अनुसार ड्रोन उड़ाना उनके लिए केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की एक नई शुरुआत है।
*** आर्थिक सशक्तिकरण से पूरे किए अपने सपने ***
ड्रोन दीदी के रूप में कार्य करने से चित्ररेखा की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। आत्मनिर्भर बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने लिए एक स्कूटी खरीदी, जिससे उनका कार्यक्षेत्र में आना-जाना सुगम हुआ। इसके साथ ही उन्होंने अपने घर का अधूरा निर्माण कार्य भी पूरा कराया। अब वे अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाने और उसके भविष्य को संवारने के लिए स्वयं को पूरी तरह सक्षम मानती हैं।
*** महतारी वंदन योजना और शासन का मिला साथ ***
चित्ररेखा साहू ने महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने पर भी खुशी जताई है। उनके अनुसार यह योजना महिलाओं की छोटी-छोटी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में बड़ा सहारा बनती है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार महिलाओं के हित में निरंतर कार्य कर रही है। महिला सशक्तिकरण की इन योजनाओं की सराहना करते हुए चित्ररेखा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं।









