बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर सरकार सख्त, वैश्विक घटनाक्रमों पर पैनी नजर
OM Darpan
Aug 06, 2026 12:04 am
401 views
06 Aug 2026
-
डिजिटल दुनिया में सुरक्षित होंगे बच्चे, आईटी नियमों में हुए बड़े बदलाव
-
आईटी नियमों के तहत 3 घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक कंटेंट
-
6,650 कार्यशालाओं के जरिए 11 लाख से अधिक लोगों को किया जागरूक
तीन घंटे में हटेगा आपत्तिजनक कंटेंट
आईटी नियमों में हालिया बदलावों के बाद अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अदालत या सरकार के आदेश के तीन घंटे के भीतर गैर-कानूनी कंटेंट हटाना होगा। इसके साथ ही डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत बच्चों के डेटा प्रोसेसिंग के लिए माता-पिता की सहमति को अनिवार्य बना दिया गया है। यह कानून बच्चों की ट्रैकिंग और व्यवहार की निगरानी पर भी रोक लगाता है।जागरूकता अभियान से जुड़े लाखों लोग
मंत्रालय 'सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता' (आईएसईए) परियोजना के तहत अब तक 6,650 कार्यशालाएं आयोजित कर चुका है। इसमें 11.37 लाख से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) भी नियमित रूप से सुरक्षा टिप्स और इन्फोग्राफिक्स साझा कर रही है।भविष्य की चुनौतियों के लिए बड़ी तैयारी
शिक्षा मंत्रालय के 'प्रज्ञता' दिशानिर्देश और सीबीएसई की साइबर सुरक्षा हैंडबुक के जरिए स्कूलों में सुरक्षित ऑनलाइन लर्निंग का माहौल बनाया जा रहा है। एनसीईआरटी ने भी अपने पाठ्यक्रम में साइबर सुरक्षा को शामिल किया है। सरकार उभरते साइबर मुद्दों पर संबंधित पक्षों के साथ नियमित संवाद कर रही है ताकि भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कानूनी और नीतिगत ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।जरूरी खबरें
विज्ञापन